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Indian Polity
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राष्ट्रपति को समाधान की शक्ति किस अनुच्छेद के अंतर्गत प्राप्त है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
अनुच्छेद 72 क्षमादान की शक्ति देता है।
Related Questions
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भारतीय संविधान के भाग IV-A के अंतर्गत समाविष्ट 'मूल कर्तव्यों' (Fundamental Duties) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मूल कर्तव्यों को स्वर्ण सिंह समिति (1976) की सिफारिशों पर 42वें संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा संविधान में जोड़ा गया था, किंतु इस समिति ने करों का भुगतान (Payment of Taxes) करने को भी एक मूल कर्तव्य के रूप में शामिल करने की संस्तुति की थी, जिसे तत्कालीन सरकार ने स्वीकार नहीं किया था।
2. मूल प्रकृति से ये कर्तव्य केवल भारतीय नागरिकों पर ही लागू होते हैं, विदेशी नागरिकों पर नहीं; तथा संविधान में इनका प्रवर्तन (Enforcement) सीधे न्यायालयों के माध्यम से नहीं किया जा सकता है, किंतु संसद विधि द्वारा इनके क्रियान्वयन के लिए उपयुक्त दंड या शास्ति का प्रावधान कर सकती है।
3. 86वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2002 के माध्यम से छह से चौदह वर्ष की आयु के बीच के अपने बच्चे को शिक्षा के अवसर प्रदान करने का कर्तव्य जोड़ा गया, जिससे मूल कर्तव्यों की कुल संख्या बढ़कर वर्तमान में ग्यारह हो गई है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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राष्ट्रपति का चुनाव किस पद्धति से होता है?
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राज्यों के उच्च न्यायालयों (High Courts) की अधिकारिता, उनके न्यायाधीशों की स्वतंत्रता तथा अधीनस्थ न्यायालयों के नियंत्रण से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 226 के अंतर्गत उच्च न्यायालयों को मूल अधिकारों के प्रवर्तन के साथ-साथ किसी अन्य प्रयोजन के लिए भी रिट जारी करने की शक्ति प्राप्त है, और उच्च न्यायालय की यह रिट अधिकारिता सर्वोच्च न्यायालय की अनुच्छेद 32 के अंतर्गत प्राप्त रिट अधिकारिता की तुलना में अधिक विस्तृत (Wider) है क्योंकि सर्वोच्च न्यायालय केवल मूल अधिकारों के उल्लंघन पर ही रिट जारी कर सकता है।
2. अनुच्छेद 233 के अनुसार किसी राज्य में जिला न्यायाधीशों की नियुक्ति, पोस्टिंग और प्रमोशन राज्यपाल द्वारा उस राज्य के उच्च न्यायालय से परामर्श करने के पश्चात किए जाते हैं, तथा जिला न्यायाधीश के रूप में नियुक्त होने वाले व्यक्ति के लिए यह अनिवार्य है कि वह कम से कम पिछले सात वर्षों से अधिवक्ता या बैरिस्टर रहा हो और संघ या राज्य की सेवा में पहले से कार्यरत न हो।
3. अनुच्छेद 235 के तहत राज्यों के अधीनस्थ न्यायालयों (Subordinate Courts) पर नियंत्रण, जिसमें जिला न्यायालयों और उनके अधीनस्थ न्यायालयों की पोस्टिंग, प्रमोशन और छुट्टियों से संबंधित नियंत्रण शामिल है, पूरी तरह से राज्य के राज्यपाल में निहित होता है, और इसमें उच्च न्यायालय की कोई परामर्शदात्री या निर्णायक भूमिका नहीं होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय संविधान के 74वें संशोधन अधिनियम, 1992 के अंतर्गत शहरी स्थानीय शासन, नगरपालिकाओं की संरचना, और समितियों के गठन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इस अधिनियम के तहत तीन प्रकार की नगरपालिकाओं - संक्रमणकालीन क्षेत्र के लिए 'नगर पंचायत', लघु नगरीय क्षेत्र के लिए 'नगरपालिका परिषद' और बृहत नगरीय क्षेत्र के लिए 'नगर निगम' का गठन किया जाता है, और राज्यपाल द्वारा किसी क्षेत्र की जनसंख्या, जनसंख्या घनत्व और आर्थिक महत्व के आधार पर उसे नगरीय क्षेत्र के रूप में अधिसूचित किया जाता है।
2. अनुच्छेद 243-S के अनुसार, तीन लाख या उससे अधिक जनसंख्या वाले प्रत्येक नगरपालिका क्षेत्र के लिए एक या अधिक 'वार्ड समितियों' (Wards Committees) का गठन किया जाएगा, और इस समिति के क्षेत्र के भीतर आने वाले वार्डों से चुने गए नगरपालिका के पार्षद इस समिति के पदेन सदस्य होते हैं।
3. प्रत्येक नगरपालिका के लिए एक 'जिला योजना समिति' (District Planning Committee) के गठन का प्रावधान अनुच्छेद 243-ZD के अंतर्गत किया गया है, जिसके कुल सदस्यों में से कम से कम दो-तिहाई (2/3rd) सदस्य जिले की पंचायतों और नगरपालिकाओं के निर्वाचित सदस्यों द्वारा अपने में से ही चुने जाते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारत में मताधिकार की आयु क्या है?
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