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बुद्धि के त्रि-आयामी (Structure of Intellect) सिद्धांत और बहुबुद्धि (Multiple Intelligences) सिद्धांत के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. जे.पी. गिलफोर्ड (J.P. Guilford) के त्रि-आयामी मॉडल के अनुसार बुद्धि कुल तीन विमाओं - संक्रियाएँ (Operations), विषय-वस्तु (Contents) और उत्पाद (Products) के रूप में कार्य करती है, जिसमें मूल रूप से बौद्धिक योग्यताओं की कुल संख्या 120 थी जिसे बाद में बढ़ाकर 180 किया गया।
- 2. हावर्ड गार्डनर (Howard Gardner) ने अपने 'बहुबुद्धि सिद्धांत' में बुद्धि को एक एकल एकीकृत इकाई न मानकर आठ (और बाद में नौ) स्वतंत्र प्रकार की बुद्धियों का समुच्चय माना है, जिसमें 'संगीत आत्मक बुद्धि' (Musical Intelligence) और 'प्रकृतिवादी बुद्धि' (Naturalist Intelligence) भी शामिल हैं।
- 3. गिलफोर्ड के मॉडल में 'अपसारी चिंतन' (Divergent Thinking) को विषय-वस्तु (Contents) आयाम के अंतर्गत रखा गया है, जबकि गार्डनर के सिद्धांत में सृजनात्मकता को पूरी तरह से नकार दिया गया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है: जे.पी. गिलफोर्ड द्वारा प्रतिपादित बुद्धि की संरचना के सिद्धांत (SOI Model) के अनुसार बुद्धि तीन विमाओं (संक्रियाएँ, विषय-वस्तु और उत्पाद) का प्रतिच्छेदन है। मूल रूप से इसमें 5 × 4 × 6 = 120 क्षमताएँ थीं, जिन्हें बाद में संशोधित कर 180 किया गया। कथन 2 सही है: हावर्ड गार्डनर के बहुबुद्धि सिद्धांत (1983, Frames of Mind) में स्वतंत्र बुद्धियों की बहुलता पर बल दिया गया है, जिसमें संगीत, प्रकृतिवादी, अंतर्व्यक्तिगत आदि बुद्धियाँ शामिल हैं। कथन 3 असत्य है: गिलफोर्ड के मॉडल में 'अपसारी चिंतन' (Divergent Thinking) को 'संक्रियाएँ' (Operations) आयाम के अंतर्गत रखा गया है, न कि विषय-वस्तु के अंतर्गत; साथ ही, गार्डनर के सिद्धांत में सृजनात्मकता और विभिन्न योग्यताओं का पूरा सम्मान किया गया है।
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उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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