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Indian Polity
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संविधान का रक्षक कौन?

Detailed Explanation

सुप्रीम कोर्ट।
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भारतीय संविधान के अंतर्गत राज्य विधानमंडल (विधानसभा और विधान परिषद) के गठन, संरचना और विधायी शक्तियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 169 के अनुसार संसद किसी राज्य में विधान परिषद का सृजन या उसका उत्सादन कर सकती है, बशर्ते संबंधित राज्य की विधानसभा इस आशय का एक संकल्प उस विधानसभा की कुल सदस्य संख्या के बहुमत तथा उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के कम से कम दो-तिहाई बहुमत से पारित कर दे। 2. विधान परिषद की कुल सदस्य संख्या उस राज्य की विधानसभा के कुल सदस्यों की संख्या के एक-तिहाई से अधिक नहीं हो सकती है, और किसी भी स्थिति में विधान परिषद की कुल सदस्य संख्या 40 से कम नहीं हो सकती है, सिवाय उस स्थिति के जब संसद विधि द्वारा कोई अपवाद बनाए। 3. धन विधेयक के मामले में राज्य विधान परिषद को अत्यंत सीमित शक्तियाँ प्राप्त हैं, और विधान परिषद किसी धन विधेयक को न तो अस्वीकार कर सकती है और न ही उसमें संशोधन कर सकती है, तथा वह अधिकतम 14 दिनों की अवधि के भीतर अपनी सिफारिशों के साथ या बिना सिफारिशों के विधेयक को विधानसभा को वापस लौटाने के लिए बाध्य होती है। भारतीय संविधान के 74वें संशोधन अधिनियम, 1992 के अंतर्गत शहरी स्थानीय शासन और नगरपालिकाओं के वित्तीय तथा प्रशासनिक प्रावधानों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 243-Y के प्रावधानों के अनुसार प्रत्येक राज्य का राज्यपाल, हर पांच वर्ष की समाप्ति पर एक वित्त आयोग का गठन करेगा जो नगरपालिकाओं की वित्तीय स्थिति की समीक्षा करेगा, और यह आयोग राज्य की संचित निधि से नगरपालिकाओं को दिए जाने वाले अनुदानों के निर्धारण के लिए सिद्धांतों की संस्तुति करता है। 2. अनुच्छेद 243-ZE के तहत प्रत्येक राज्य में एक जिला योजना समिति (District Planning Committee) का गठन किया जाना अनिवार्य है, जो जिले के लिए विकास योजनाएं तैयार करेगी, तथा इस समिति के कुल सदस्यों में से कम से कम चार-तिहाई (3/4) सदस्य जिले की पंचायतों और नगरपालिकाओं के निर्वाचित सदस्यों द्वारा अपने में से ही चुने जाते हैं। 3. अनुच्छेद 243-W के अंतर्गत राज्य विधानमंडल विधि द्वारा नगरपालिकाओं को ऐसी शक्तियां और प्राधिकार प्रदान कर सकता है जिससे वे ग्यारहवीं अनुसूची में सूचीबद्ध विषयों पर आर्थिक विकास और सामाजिक न्याय के लिए योजनाएं तैयार करने और उन्हें क्रियान्वित करने का उत्तरदायित्व संभाल सकें। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? भारतीय संविधान का कौन सा अनुच्छेद 'प्रेस की स्वतंत्रता' से संबंधित है? भारतीय संविधान के भाग-IV के अंतर्गत वर्णित राज्य के नीति निर्देशक तत्वों (DPSP) और उनके विशिष्ट अनुच्छेदों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 44 में वर्णित 'समान नागरिक संहिता' (Uniform Civil Code) का उद्देश्य पूरे भारत के क्षेत्र में नागरिकों के लिए एक समान नागरिक कानून सुरक्षित करना है, तथा गोवा एकमात्र ऐसा राज्य है जहाँ पुर्तगाली सिविल कोड, 1867 के रूप में इसे साम्प्रदायिक या पारिवारिक मामलों में बड़े पैमाने पर लागू किया गया है। 2. अनुच्छेद 45 के मूल पाठ में यह प्रावधान था कि राज्य इस संविधान के प्रारंभ से दस वर्ष की अवधि के भीतर सभी बालकों के लिए चौदह वर्ष की आयु पूरी होने तक नि:शुल्क और अनिवार्य शिक्षा देने का उपबंध करने का प्रयास करेगा, जिसे 86वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2002 द्वारा संशोधित करके इसे प्रारंभिक बाल्यावस्था देखरेख और शिक्षा (ECCV) का रूप दे दिया गया। 3. नीति निर्देशक तत्वों के अंतर्गत उल्लिखित अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा की अभिवृद्धि से संबंधित प्रावधान अनुच्छेद 48 में दिए गए हैं, जो केवल कृषि और पशुपालन के आधुनिकीकरण और गाय, बछड़ों तथा अन्य दुधारू पशुओं के वध पर प्रतिबंध लगाने से संबंधित हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? भारतीय संविधान के प्रथम भाग के अंतर्गत 'संघ और उसके राज्य क्षेत्र' (अनुच्छेद 1-4) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 2 के तहत संसद को यह शक्ति प्राप्त है कि वह संघ में नए राज्यों का प्रवेश या उनकी स्थापना ऐसे निबंधनों और शक्तियों पर कर सके जो वह ठीक समझे, जबकि अनुच्छेद 3 के अंतर्गत संसद को किसी राज्य के नाम, सीमा या क्षेत्र में परिवर्तन करने की विधाई शक्ति प्रदान की गई है। 2. अनुच्छेद 3 के अंतर्गत किसी नए राज्य के निर्माण या किसी राज्य के क्षेत्र, सीमा या नाम में परिवर्तन करने के लिए राष्ट्रपति की पूर्व अनुमति से ही कोई विधेयक संसद के किसी भी सदन में पुनरस्थापित किया जा सकता है, और ऐसा विधेयक प्रस्तुत करने से पूर्व राष्ट्रपति के लिए संबंधित राज्य के विधानमंडल का विचार प्राप्त करना अनिवार्य है, भले ही उस राज्य विधानमंडल द्वारा व्यक्त की गई राय संसद पर बाध्यकारी न हो। 3. अनुच्छेद 4 के अनुसार, अनुच्छेद 2 और अनुच्छेद 3 के अधीन नए राज्यों के प्रवेश या गठन तथा सीमाओं और नामों में परिवर्तन करने के लिए बनाई गई विधियों को संविधान के अनुच्छेद 368 के प्रयोजन के लिए 'संविधान संशोधन' माना जाएगा, जिसके लिए विशेष बहुमत और आधे राज्यों के अनुसमर्थन की आवश्यकता होती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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