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उत्तर प्रदेश के खनिज संसाधनों, उनके प्राप्ति स्थलों और औद्योगिक उपयोग के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में 'चूना पत्थर' (Limestone) प्रचुर मात्रा में पाया जाता है, विशेष रूप से गुरमा और कजराहट क्षेत्रों में, जिसका उपयोग मुख्य रूप से सीमेंट उद्योग और रासायनिक कारखानों में किया जाता है।
- 2. 'बॉक्साइट' (Bauxite) जो एल्युमिनियम का प्रमुख अयस्क है, उत्तर प्रदेश में मुख्य रूप से बांदा और चंदौली जिलों में पाया जाता है, जबकि 'डोलोमाइट' का मुख्य उत्पादन बांदा और मिर्जापुर जिलों से होता है।
- 3. उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के 'हवांग' (Hawaang) और 'घुघरी' क्षेत्रों में स्वर्ण भंडार (Gold Reserves) पाए जाने की पुष्टि भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) द्वारा की गई है, जिससे यह राज्य के खनिज मानचित्र पर एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है: उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में चूना पत्थर (Limestone) के विशाल भंडार पाए जाते हैं। विशेष रूप से गुरमा, कजराहट और बाबुकरा क्षेत्रों से उच्च कोटि का चूना पत्थर निकाला जाता है, जिसका उपयोग सीमेंट निर्माण में प्रमुखता से होता है। कथन 2 सही है: बॉक्साइट उत्तर प्रदेश के बांदा, चंदौली और ललितपुर जिलों में पाया जाता है, जबकि डोलोमाइट का मुख्य उत्पादन मिर्जापुर (कजरी-रॉबर्ट्सगंज क्षेत्र) और बांदा जिलों से किया जाता है। कथन 3 गलत है: उत्तर प्रदेश में स्वर्ण भंडार सोनभद्र जिले की हरदी और पहाड़ी क्षेत्रों (विशेषकर सोन नदी क्षेत्र के पास) में खोजे गए हैं, न कि 'हवांग' और 'घुघरी' (यह काल्पनिक या अशुद्ध नाम है)। इस प्रकार केवल कथन 1 और 2 सही हैं।
Related Questions
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भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन के अंतर्गत 'सविनय अवज्ञा आंदोलन' (Civil Disobedience Movement, 1930) और उससे जुड़ी प्रमुख घटनाओं तथा समझौतों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इस आंदोलन की आधिकारिक शुरुआत महात्मा गांधी द्वारा 12 मार्च 1930 को अपने 78 चुने हुए अनुयायियों के साथ साबरमती आश्रम से दांडी तक की 240 मील की ऐतिहासिक पदयात्रा (दांडी मार्च) के साथ की गई थी, और 6 अप्रैल 1930 को दांडी में नमक कानून तोड़कर सविनय अवज्ञा का श्रीगणेश किया गया था।
2. आंदोलन के दौरान उत्तर प्रदेश (तत्कालीन संयुक्त प्रांत) में राजस्व अदायगी के विरोध में 'नो-टेक्स' (कर-बंदी) आंदोलन चलाया गया, विशेषकर किसानों द्वारा मालगुजारी न देने का व्यापक अभियान चलाया गया था।
3. आंदोलन की चरम सीमा के समय मार्च 1931 में संपन्न हुए 'गांधी-इरविन समझौते' के तहत ब्रिटिश सरकार ने सविनय अवज्ञा आंदोलन से जुड़े सभी कैदियों को बिना किसी शर्त के तुरंत रिहा करने तथा हिंसा के आरोपियों सहित सभी पर चल रहे मुकदमों को पूरी तरह से वापस लेने की घोषणा की थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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हिंदी भाषा और व्याकरण के अंतर्गत 'शब्द-रचना' और 'समास' के संदर्भ में, निम्नलिखित में से किस विकल्प में 'अव्ययीभाव समास' का सबसे सटीक, व्याकरणिक रूप से शुद्ध और अपवाद-मुक्त उदाहरण प्रस्तुत किया गया है?
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पर्यावरण अध्ययन (EVS) के शिक्षण शास्त्र में 'सतत एवं व्यापक मूल्यांकन' (CCE) की अवधारणा के संदर्भ में, प्राथमिक स्तर पर EVS सीखने के आकलन के लिए निम्नलिखित में से कौन सी सबसे अधिक प्रभावी और प्रामाणिक तकनीक मानी जाती है?
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उत्तर प्रदेश के वन्यजीव संरक्षण, पक्षी विहारों और राष्ट्रीय पार्कों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश का एकमात्र राष्ट्रीय उद्यान 'दुधवा राष्ट्रीय पार्क' (Dudhwa National Park) लखीमपुर खीरी और बहराइच जिलों की सीमा पर स्थित है, जिसे वर्ष 1977 में राष्ट्रीय पार्क का दर्जा दिया गया था और वर्ष 1987 में इसे 'प्रोजेक्ट टाइगर' के अंतर्गत शामिल किया गया था।
2. उत्तर प्रदेश का सबसे पहला और सबसे पुराना पक्षी विहार 'चंद्रप्रभा वन्यजीव विहार' है, जो चंदौली जिले में स्थित है, जबकि राज्य का सबसे बड़ा पक्षी विहार 'लाख बहोसी पक्षी विहार' कन्नौज जिले में स्थित है।
3. 'नवाबगंज पक्षी विहार' (जिसका आधिकारिक नाम अब चंद्रशेखर आजाद पक्षी विहार कर दिया गया है) उन्नाव जिले में स्थित है, और यह उत्तर प्रदेश का ऐसा पहला पक्षी विहार है जिसकी स्थापना राज्य में सबसे पहले (1984 में) की गई थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं भूगर्भीय संरचना के संदर्भ में, 'बुंदेलखंड के पठारी क्षेत्र' की विशेषताओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बुंदेलखंड का पठार उत्तर प्रदेश के दक्षिण में स्थित है, जिसका निर्माण प्राचीनतम प्री-कैंब्रियन युग के नाइस (Gneiss), ग्रेनाइट (Granite) और शिस्ट (Schist) चट्टानों से हुआ है।
2. इस क्षेत्र में सामान्यतः लाल और भूरे रंग की हल्की मृदा पाई जाती है, जिसे स्थानीय भाषा में 'परवा', 'मार', 'काबर' और 'रास' के नाम से जाना जाता है, जो कृषि की दृष्टि से कम उपजाऊ होने के कारण मुख्य रूप से वर्षा पर निर्भर होती है।
3. उत्तर प्रदेश का यह पठारी क्षेत्र खनिज संपदा के दृष्टिकोण से अत्यंत समृद्ध है, जहाँ देश के सबसे बड़े ग्रेफाइट, कोयला और पेट्रोलियम के भंडार पाए जाते हैं, जिसके कारण यहाँ भारी उद्योगों का जाल बिछा हुआ है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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