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UPTET
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उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक इतिहास, विधानसभा गठन और प्रमुख विधायी पदों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. उत्तर प्रदेश (तत्कालीन संयुक्त प्रान्त) में वर्ष 1937 में गठित पहली लोकप्रिय मंत्रिमंडल सरकार के प्रधानमंत्री (तत्कालीन मुख्यमंत्री पद का नाम) के रूप में 'गोविन्द वल्लभ पंत' ने कार्यभार संभाला था, जो बाद में राज्य के पहले मुख्यमंत्री भी बने।
- 2. स्वतंत्र भारत में उत्तर प्रदेश की विधानसभा की पहली महिला अध्यक्ष (Speaker) होने का गौरव 'श्रीमती सुचेता कृपलानी' को प्राप्त है, जिन्होंने राज्य की पहली महिला मुख्यमंत्री के रूप में भी इतिहास रचा था।
- 3. उत्तर प्रदेश विधान परिषद (Legislative Council), जो कि राज्य का उच्च सदन है, के पहले सभापति (Chairman) के रूप में 'श्री सरन बहादुर सक्सेना' ने कार्य किया था, और यह देश के सबसे बड़े द्विसदनीय विधानमंडलों में से एक है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है: ब्रिटिश काल में 1937 के प्रांतीय चुनावों के बाद संयुक्त प्रान्त (United Provinces) में कांग्रेस की सरकार बनी और गोविन्द वल्लभ पंत इसके पहले प्रधानमंत्री (Premier) बने। आज़ादी के बाद वे उत्तर प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री भी बने। कथन 2 गलत है: उत्तर प्रदेश विधानसभा की पहली महिला अध्यक्ष (Speaker) श्रीमती शन्नो देवी थीं, न कि सुचेता कृपलानी। सुचेता कृपलानी उत्तर प्रदेश (तथा भारत) की पहली महिला मुख्यमंत्री थीं। कथन 3 सही है: आज़ादी के बाद उत्तर प्रदेश विधान परिषद के पहले सभापति श्री सरन बहादुर सक्सेना थे। अतः केवल कथन 1 और 3 सही हैं।
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1. उत्तर प्रदेश की अधिकांश नदियाँ उत्तर-पश्चिम से दक्षिण-पूर्व की ओर प्रवाहित होती हैं, जो हिमालयी और प्रायद्वीपीय दोनों स्रोतों से जल प्राप्त करती हैं।
2. 'बेतवा' और 'केह' (केन) नदियाँ मध्य भारत के पठार से निकलकर यमुना नदी में मिलने वाली प्रमुख नदियाँ हैं, जो बुंदेलखंड क्षेत्र के अपवाह तंत्र का निर्माण करती हैं।
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उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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