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कोह्लबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत (Theory of Moral Development) के संदर्भ में, 'उत्तर-रूढ़िगत नैतिकता' (Post-Conventional Morality) के अंतर्गत आने वाले दोनों चरणों की निम्नलिखित में से कौन-सी विशेषताएँ सही हैं?

  1. 1. 'सामाजिक अनुबंध और व्यक्तिगत अधिकार' (Social Contract and Individual Rights) चरण में व्यक्ति यह मानता है कि नियम और कानून समाज के कल्याण के लिए लचीले समझौते हैं, और यदि कोई कानून मानवाधिकारों या व्यक्तिगत स्वतंत्रता के विरुद्ध हो, तो उसमें सुधार किया जाना चाहिए।
  2. 2. 'सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत' (Universal Ethical Principles) चरण में व्यक्ति किसी बाहरी अधिकार या सामाजिक दबाव के बिना अपने अंतःकरण (Conscience) के आंतरिक नैतिक सिद्धांतों और न्याय, मानवाधिकारों एवं समानता के सार्वभौमिक मूल्यों के आधार पर सही या गलत का निर्णय लेता है।
  3. 3. इस स्तर पर बच्चों की नैतिकता पूरी तरह से बाहरी दंड (Punishment) और पुरस्कार (Reward) की संभावनाओं या सामाजिक स्वीकृति प्राप्त करने की इच्छा द्वारा निर्देशित होती है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?

Detailed Explanation

कोह्लबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत में 'उत्तर-रूढ़िगत नैतिकता' (Post-Conventional Morality - स्तर 3) नैतिकता का सबसे उच्च स्तर है। इसमें कथन 1 और 2 बिल्कुल सही हैं क्योंकि इसके दोनों चरण-(अ) सामाजिक अनुबंध और व्यक्तिगत अधिकार (चरण 5) तथा (ब) सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत (चरण 6)-इसी स्तर के अंतर्गत आते हैं, जहाँ व्यक्ति बाहरी नियमों से ऊपर उठकर अपने विवेक और मानवीय मूल्यों के आधार पर निर्णय लेता है। कथन 3 गलत है क्योंकि दंड और पुरस्कार से संचालित होने वाली नैतिकता 'पूर्व-रूढ़िगत नैतिकता' (Pre-Conventional Morality - स्तर 1) की विशेषता है, न कि उत्तर-रूढ़िगत स्तर की।
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