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उत्तर प्रदेश की परिवहन प्रणालियों, एक्सप्रेसवे नेटवर्क और राष्ट्रीय राजमार्गों (National Highways) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. 'पूर्वांचल एक्सप्रेसवे' (Purvanchal Expressway) की कुल लंबाई लगभग 341 किलोमीटर है, जो लखनऊ जिले के चांदसराय गांव से शुरू होकर गाज़ियापुर जिले के हैदरिया गांव तक जाती है, और यह उत्तर प्रदेश के 9 जिलों से होकर गुजरती है।
- 2. उत्तर प्रदेश में से गुजरने वाला 'राष्ट्रीय राजमार्ग 19' (National Highway 19 - पुराना NH 2) ऐतिहासिक 'ग्रैंड ट्रंक रोड' (Grand Trunk Road) का हिस्सा है, जो राज्य के कई प्रमुख औद्योगिक और ऐतिहासिक शहरों जैसे आगरा, फिरोजाबाद, कानपुर और प्रयागराज को जोड़ता है।
- 3. 'बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे' (Bundelkhand Expressway) की कुल लंबाई लगभग 296 किलोमीटर है, जो चित्रकूट जिले से शुरू होकर इटावा जिले के कुदरैल गांव में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे से मिलती है और इससे कुल 7 जिले लाभान्वित होते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए तीनों कथन उत्तर प्रदेश के परिवहन एवं एक्सप्रेसवे नेटवर्क के संदर्भ में बिल्कुल सही हैं। 1. पूर्वांचल एक्सप्रेसवे की लंबाई लगभग 341 किमी है जो लखनऊ से गाजीपुर (हैदरिया) तक 9 जिलों (लखनऊ, बाराबंकी, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, अंबेडकरनगर, आजमगढ़, मऊ और गाजीपुर) से गुजरती है। 2. राष्ट्रीय राजमार्ग 19 (NH-19, पुराना NH-2) ग्रांड ट्रंक रोड का प्रमुख हिस्सा है जो उत्तर प्रदेश के कई जिलों से होकर गुजरता है। 3. बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे लगभग 296 किमी लंबा है, जो चित्रकूट से शुरू होकर बांदा, महोबा, हमीरपुर, जालौन, औरैया होते हुए इटावा में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे से जुड़ता है (कुल 7 जिले)। इसलिए सभी कथन सत्य हैं।
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं भू-आकृतिक प्रदेशों के अंतर्गत 'तराई एवं भाबर' क्षेत्रों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'भाबर क्षेत्र' शिवालिक श्रेणी के ठीक गिद्धौर/गिरपद में स्थित है, जहाँ नदियाँ पर्वतीय ढलानों से उतरते समय भारी मात्रा में कंकड़-पत्थर और मोटे बालू का निक्षेप करती हैं, जिसके कारण इस क्षेत्र में छोटी नदियाँ विलुप्त हो जाती हैं और केवल बड़े बरसाती नाले ही धरातल पर प्रवाहित होते हैं।
2. 'तराई क्षेत्र' भाबर क्षेत्र के ठीक दक्षिण में स्थित एक संकरी पट्टी है, जहाँ भाबर में विलुप्त हुई नदियाँ पुनः धरातल पर प्रकट होती हैं, जिसके कारण यह क्षेत्र अत्यधिक नम, दलदली और सघन वनों से आच्छादित होता है।
3. तराई क्षेत्र की मृदा में महीन कणों (सिल्ट और मटियार) की प्रधानता होती है, जो पटसन (Jute), धान और उच्च पैदावार वाली गन्ने की कृषि के लिए अत्यंत उपजाऊ मानी जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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कोह्लबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत (Theory of Moral Development) के संदर्भ में, 'उत्तर-रूढ़िगत नैतिकता' (Post-Conventional Morality) के अंतर्गत आने वाले दोनों चरणों की निम्नलिखित में से कौन-सी विशेषताएँ सही हैं?
1. 'सामाजिक अनुबंध और व्यक्तिगत अधिकार' (Social Contract and Individual Rights) चरण में व्यक्ति यह मानता है कि नियम और कानून समाज के कल्याण के लिए लचीले समझौते हैं, और यदि कोई कानून मानवाधिकारों या व्यक्तिगत स्वतंत्रता के विरुद्ध हो, तो उसमें सुधार किया जाना चाहिए।
2. 'सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत' (Universal Ethical Principles) चरण में व्यक्ति किसी बाहरी अधिकार या सामाजिक दबाव के बिना अपने अंतःकरण (Conscience) के आंतरिक नैतिक सिद्धांतों और न्याय, मानवाधिकारों एवं समानता के सार्वभौमिक मूल्यों के आधार पर सही या गलत का निर्णय लेता है।
3. इस स्तर पर बच्चों की नैतिकता पूरी तरह से बाहरी दंड (Punishment) और पुरस्कार (Reward) की संभावनाओं या सामाजिक स्वीकृति प्राप्त करने की इच्छा द्वारा निर्देशित होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश की मृदा एवं कृषि प्रणालियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश के दक्षिणी पठारी और बुंदेलखंड क्षेत्र में पाई जाने वाली 'मार' (Mar) और 'काबर' (Kabar) मृदाएँ अत्यधिक उपजाऊ और चिकनी होती हैं, जिनमें नमी धारण करने की अद्भुत क्षमता होती है और सूखने पर इनमें चौड़ी दरारें पड़ जाती हैं।
2. उत्तर प्रदेश के गंगा-यमुना दोआब क्षेत्र में पाई जाने वाली जलोढ़ मृदा (Alluvial Soil) में चूना और पोटाश प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, जबकि इसमें नाइट्रोजन और फास्फोरस की कमी होती है।
3. उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्र में मिलने वाली मृदा मुख्य रूप से महीन कणों वाली और दलदली होती है, जो पटसन (Jute), धान और गन्ने की खेती के लिए अत्यंत उपयुक्त मानी जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश की मध्यम सिंचाई परियोजनाओं, नहर प्रणालियों और उनसे लाभान्वित होने वाले क्षेत्रों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश की सबसे पुरानी नहर प्रणाली 'पूर्वी यमुना नहर' (Eastern Yamuna Canal) है, जिसे 19वीं शताब्दी में पुनर्गमित किया गया था और यह यमुना नदी के दाहिने किनारे से ताजेवाला (हरियाणा) से निकलती है, जिससे सहारनपुर, शामली और मुजफ्फरनगर जिले लाभान्वित होते हैं।
2. 'शारदा नहर प्रणाली' (Sharda Canal System) उत्तर प्रदेश की सबसे लंबी नहर प्रणाली है, जिसका मुख्य उद्गम स्थल चटका (बनवासा, नेपाल सीमा के पास) में शारदा नदी से है, और इसका नेटवर्क रोहिलखंड तथा अवध क्षेत्र के कई जिलों में सिंचाई सुविधा प्रदान करता है।
3. 'गंडक नहर परियोजना' एक अंतर-राज्यीय परियोजना है, जिसका निर्माण नेपाल और उत्तर प्रदेश की संयुक्त पहल के तहत किया गया है, और यह उत्तर प्रदेश के पूर्वी जिलों जैसे महाराजगंज, कुशीनगर, गोरखपुर और देवरिया में कृषि भूमि को सींचती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अभिप्रेरणा' (Motivation) के संदर्भ में, अब्राहम मास्लो (Abraham Maslow) के 'आवश्यकता पदानुक्रम सिद्धांत' (Hierarchy of Needs Theory) की सर्वोच्च अवस्था 'आत्म-सिद्धि' (Self-Actualization) को प्राप्त करने से ठीक पहले व्यक्ति द्वारा अपनी किन आवश्यकताओं को संतुष्ट करना अनिवार्य माना जाता है?
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