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उत्तर प्रदेश के लोक नृत्यों और उनसे संबंधित क्षेत्रों/संस्कृतियों के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
- 1. 'छल नृत्य' - ब्रज क्षेत्र (यह नृत्य मुख्य रूप से दीपावली के अवसर पर मयूर पंख और रंग-बिरंगे वस्त्र पहनकर किया जाता है, जिसमें नर्तक अपने सिर पर कलश रखकर संतुलन बनाते हैं।)
- 2. 'ढरकिया नृत्य' - बुंदेलखंड क्षेत्र (यह इस क्षेत्र की जनजातियों द्वारा विशेषकर खेतों में कटाई के समय फसल की समृद्धि की कामना के लिए किया जाने वाला एक पारंपरिक नृत्य है।)
- 3. 'धीवर नृत्य' - पूर्वांचल क्षेत्र (यह कहार जाति के लोगों द्वारा शुभ अवसरों, विशेषकर विवाह के समय किया जाता है, जिसमें नर्तक सिर पर मटका रखकर जल देवता की स्तुति करते हैं।)
- 4. 'जोगनी नृत्य' - अवध क्षेत्र (यह नृत्य रामनवमी के पावन अवसर पर पुरुषों द्वारा महिलाओं का वेश धारण करके भगवान श्री राम के जन्म की खुशी में मंदिरों और चौराहों पर किया जाता है।
) उपर्युक्त युग्मों में से कौन सा/से सही सुमेलित है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए सभी युग्म उत्तर प्रदेश की समृद्ध लोक संस्कृति और नृत्यों के संदर्भ में पूर्णतः सत्य हैं: 1. 'छल नृत्य' ब्रज क्षेत्र का प्रसिद्ध लोक नृत्य है जो दीपावली के आसपास मयूर नृत्य शैली व कलश संतुलन के साथ किया जाता है। 2. 'ढरकिया नृत्य' बुंदेलखंड क्षेत्र में फसल की कटाई और समृद्धि से जुड़ा हुआ है। 3. 'धीवर नृत्य' पूर्वांचल और मध्यवर्ती क्षेत्रों में कहार जाति के द्वारा विवाह और मुंडन जैसे शुभ अवसरों पर मटका सिर पर रखकर किया जाता है। 4. 'जोगनी नृत्य' अवध क्षेत्र में विशेषकर रामनवमी के अवसर पर पुरुषों द्वारा स्त्री वेश धारण करके किया जाने वाला प्रसिद्ध अनुष्ठानिक नृत्य है।
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उत्तर प्रदेश के वन्यजीव संरक्षण, पक्षी विहारों और उनके अवस्थिति जिलों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'बखिरा पक्षी विहार' उत्तर प्रदेश के संत कबीर नगर जिले में स्थित एक कृत्रिम झील पर बना हुआ पक्षी विहार है, जिसे हाल ही में अंतरराष्ट्रीय रामसर साइट (Ramsar Site) के रूप में भी मान्यता दी गई है।
2. 'सुराहा ताल पक्षी विहार' उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में स्थित है, जिसे 'जय प्रकाश नारायण पक्षी विहार' के नाम से भी जाना जाता है।
3. 'ओखला पक्षी विहार' उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर और गाजियाबाद जिलों की सीमा पर यमुना नदी के तट पर स्थित है, जो दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र का एक प्रमुख जैव-विविधता केंद्र है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के संदर्भ में, 'कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत' की किस अवस्था में व्यक्ति यह मानता है कि नियमों और कानूनों का पालन करना समाज में व्यवस्था बनाए रखने और सामाजिक अनुबंध (Social Contract) के प्रति अपनी व्यक्तिगत जिम्मेदारी को पूरा करने के लिए आवश्यक है, भले ही वे नियम व्यक्तिगत हित के विरुद्ध क्यों न हों?
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं भू-आकृतिक प्रदेशों के अंतर्गत 'तराई एवं भाबर' क्षेत्रों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'भाबर क्षेत्र' शिवालिक श्रेणी के ठीक गिद्धौर/गिरपद में स्थित है, जहाँ नदियाँ पर्वतीय ढलानों से उतरते समय भारी मात्रा में कंकड़-पत्थर और मोटे बालू का निक्षेप करती हैं, जिसके कारण इस क्षेत्र में छोटी नदियाँ विलुप्त हो जाती हैं और केवल बड़े बरसाती नाले ही धरातल पर प्रवाहित होते हैं।
2. 'तराई क्षेत्र' भाबर क्षेत्र के ठीक दक्षिण में स्थित एक संकरी पट्टी है, जहाँ भाबर में विलुप्त हुई नदियाँ पुनः धरातल पर प्रकट होती हैं, जिसके कारण यह क्षेत्र अत्यधिक नम, दलदली और सघन वनों से आच्छादित होता है।
3. तराई क्षेत्र की मृदा में महीन कणों (सिल्ट और मटियार) की प्रधानता होती है, जो पटसन (Jute), धान और उच्च पैदावार वाली गन्ने की कृषि के लिए अत्यंत उपजाऊ मानी जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'शिक्षण अधिगम की विधियाँ और रणनीतियाँ' (Teaching-Learning Methods and Strategies) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, जॉन डीवी (John Dewey) द्वारा प्रतिपादित 'प्रोजेक्ट विधि या अनुभवात्मक अधिगम' (Experiential Learning: अनुभव, प्रतिबिंब, समेकन और अनुप्रयोग) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'इंसुला' (Insula), 'ेंट्रोमेडियल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (vmPFC), और 'मोटर कॉर्टेक्स' (Motor Cortex) के बीच संवेगात्मक मूल्यांकन, प्रासंगिक ज्ञान एकीकरण, और क्रिया-आधारित प्लास्टिसिटी की सक्रियण गतिकी, तथा जेरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) के 'खोज अधिगम सिद्धांत' (Discovery Learning) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-एक्सपीरियंसियल ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Experiential Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में आलोचनात्मक चिंतन, समस्या-समाधान व समग्र संज्ञानात्मक-संवेगात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक स्वरूप और अपवाह तंत्र (Drainage System) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश के मैदानी भाग में प्रवाहित होने वाली अधिकांश नियाँ (जैसे- गंगा, यमुना, गोमती और घाघरा) हिमालयी या मैदानी उद्गम वाली हैं, जिनमें गोमती नदी का उद्गम पीलीभीत जिले की फुलहर झील (माधोटाट) से होता है और यह एकमात्र ऐसी नदी है जो मैदानी तल से निकलती है।
2. बुंदेलखंड के पठारी क्षेत्र से बहने वाली नदियाँ (जैसे- चंबल, बेतवा, केन और टोंस) दक्षिण से उत्तर की ओर प्रवाहित होती हैं और यमुना या सीधे गंगा नदी में मिलती हैं, तथा इन नदियों द्वारा क्षेत्र में 'बीहड़' (Ravines) का निर्माण किया गया है।
3. सोन नदी उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर और सोनभद्र जिलों से होकर बहने वाली एक प्रमुख नदी है, जो गंगा की एक सीधी सहायक नदी है और यह अपने मार्ग में रिहन्द बाँध जैसी बहुउद्देशीय परियोजनाओं का जल पोषण करती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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