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UPTET
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं भूगर्भीय विभाजन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. उत्तर प्रदेश का 'भावर' क्षेत्र शिवालिक पहाड़ियों के ठीक दक्षिण में पश्चिम से पूर्व की ओर एक संकरी पट्टी के रूप में फैला है, जहाँ नदियाँ कंकड़-पत्थर और मोटे रेत के निक्षेपों के नीचे विलुप्त हो जाती हैं और धरातल पर प्रवाहित नहीं होती हैं।
- 2. 'तराई' क्षेत्र भावर के ठीक दक्षिण में स्थित एक नम एवं दलदली प्रदेश है, जहाँ विलुप्त हुई नदियाँ पुनः धरातल पर प्रकट होती हैं, और यह क्षेत्र प्रचुर वर्षा तथा सघन वनों के कारण गन्ने और धान की कृषि के लिए अत्यधिक उपयुक्त है।
- 3. उत्तर प्रदेश के दक्षिणी पठारी क्षेत्र (बुंदेलखंड और विंध्य क्षेत्र) की मृदा में नाइट्रोजन, फास्फोरस और ह्यूमस की प्रचुरता पाई जाती है, जिसके कारण यह क्षेत्र राज्य का सर्वाधिक रासायनिक उर्वरक-मुक्त कृषि उत्पादन क्षेत्र माना जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि भावर क्षेत्र शिवालिक के तलहटी में स्थित है जहाँ नदियाँ भारी पत्थरों के नीचे विलुप्त हो जाती हैं। कथन 2 सही है क्योंकि तराई क्षेत्र दलदلی और नम है जो धान और गन्ने की खेती के लिए अनुकूल है। कथन 3 गलत है क्योंकि उत्तर प्रदेश के दक्षिणी पठारी क्षेत्र (बुंदेलखंड) की मृदा में नाइट्रोजन, फास्फोरस और ह्यूमस की भारी कमी होती है, न कि प्रचुरता।
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम में मेटाकॉग्निशन (Metacognition) और स्व-विनियमित अधिगम (Self-Regulated Learning)' के संदर्भ में, जॉन फ्लेवेल (John Flavell) द्वारा प्रतिपादित 'मेटाकॉग्निशन के घटकों'—'मेटाकॉग्निटिव ज्ञान' (Metacognitive Knowledge) और 'मेटाकॉग्निटिव अनुभव या विनियमन' (Metacognitive Experience/Regulation)—के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डorsolateral प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Dorsolateral Prefrontal Cortex - dlPFC), 'पूर्ववर्ती सिंगुलेट कॉर्टेक्स' (Anterior Cingulate Cortex - ACC), और 'पोलर प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' के बीच संज्ञानात्मक निगरानी (Cognitive Monitoring), त्रुटि पहचान (Error Detection) और रणनीतिक नियंत्रण (Strategic Control) की सक्रियण गतिकी, तथा बैरी जिम्मरमैन (Barry Zimmerman) द्वारा प्रतिपादित 'स्व-विनियमित अधिगम के तीन चरण' (Forethought, Performance, and Self-Reflection Phases) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, चिंतनशील शिक्षण रणनीतियों (Reflective Teaching Strategies) और विद्यार्थियों में उच्च-क्रम के संज्ञानात्मक नियंत्रण, स्वायत्त अधिगम (Autonomous Learning) व समस्या-समाधान दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' के अंतर्गत 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) में 'परिकल्पित-निगमनात्मक तर्क' (Hypothetico-Deductive Reasoning) और 'अमूर्त चिंतन' के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डorsolateral प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Dorsolateral Prefrontal Cortex - dlPFC), 'एंटीरियर सिंगुलेट कॉर्टेक्स' (Anterior Cingulate Cortex) और 'पैरिएटल लोब' के बीच कार्यकारी कार्य (Executive Functions), कार्यशील स्मृति अद्यतन और मानसिक सिमुलेशन की सक्रियण गतिकी, तथा डेविड एल्किंड (David Elkind) द्वारा प्रतिपादित 'किशोर egocentrism' (किशोरावस्था की आत्म-केंद्रित सोच: काल्पनिक दर्शक और व्यक्तिगत कल्पकथा) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक व उच्च प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, पूछताछ-आधारित शिक्षाशास्त्र (Inquiry-based Pedagogy) और विद्यार्थियों में उच्च-स्तरीय तार्किकता, समस्या-समाधान व संवेगात्मक नियमन के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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प्राथमिक स्तर पर पर्यावरण अध्ययन (EVS) के शिक्षण अधिगम में 'प्रोजेक्ट विधि' (Project Method) और 'समस्या समाधान विधि' (Problem-Solving Method) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. प्रोजेक्ट विधि जॉन डीवी के व्यावहारिक दर्शन और उनके शिष्य विलियम किलपैट्रिक के शैक्षिक सिद्धांतों पर आधारित है, जिसमें छात्र वास्तविक जीवन की किसी सार्थक समस्या का समाधान खोजने के लिए स्वाभाविक और सहयोगात्मक वातावरण में सक्रिय रूप से कार्य करते हैं।
2. समस्या समाधान विधि के अंतर्गत छात्र अपनी तार्किक सोच, अवलोकन और अन्वेषण क्षमताओं का उपयोग करके वैज्ञानिक पद्धति के चरणों का पालन करते हुए किसी जटिल परिस्थिति या दुविधा को हल करना सीखते हैं।
3. ये दोनों शिक्षण विधियाँ पूरी तरह से शिक्षक-केंद्रित (Teacher-centric) और उपदेशात्मक (Didactic) दृष्टिकोण पर आधारित हैं, जहाँ छात्रों की भूमिका केवल एक निष्क्रिय श्रोता के रूप में होती है और वे केवल पाठ्यपुस्तक रटने पर बल देते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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पर्यावरण अध्ययन (EVS) के अंतर्गत 'पारिस्थितिक तंत्र' (Ecosystem) में ऊर्जा के प्रवाह और खाद्य श्रृंखला (Food Chain) के संदर्भ में 'दस प्रतिशत का नियम' (10% Law) किसने प्रतिपादित किया था तथा इस नियम के अनुसार पारिस्थितिक तंत्र के एक पोषण स्तर (Trophic Level) से अगले पोषण स्तर तक कितनी ऊर्जा स्थानांतरित होती है?
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उत्तर प्रदेश के भौतिक विभाजनों और उनके अंतर्गत आने वाली प्रमुख भौगोलिक विशेषताओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश के दक्षिण का पठारी प्रदेश (जिसे बुंदेलखंड का पठार भी कहा जाता है) प्राचीन काल के प्रायद्वीपीय पठार का ही उत्तर-पूर्वी विस्तार है, जिसकी मुख्य चट्टानें नीस (Gneiss) और ग्रेनाइट जैसी प्राचीन रवेदार चट्टानें हैं।
2. तराई क्षेत्र (Tarai Region) भाबर क्षेत्र के ठीक दक्षिण में स्थित एक संकीर्ण पट्टी है, जो महीन अवसादों (गाद और चीका) से बनी है और यहाँ की भूमि अत्यधिक नम, दलदली तथा घने जंगलों एवं लंबे घासों से आच्छादित होती है।
3. उत्तर प्रदेश के मैदानी क्षेत्र (गंगा-यमुना का मैदान) का ढाल उत्तर-पश्चिम से दक्षिण-पूर्व की ओर है, जिसके कारण राज्य की अधिकांश नगालैंड और मध्यवर्ती नदियाँ उत्तर से दक्षिण की ओर प्रवाहित होती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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