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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक, प्रशासनिक एवं कृषि-जलवायु क्षेत्रों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. उत्तर प्रदेश को कुल 9 कृषि-जलवायु प्रदेशों (Agro-Climatic Zones) में विभाजित किया गया है, जो राज्य की मिट्टी, वर्षा और तापमान की विभिन्नताओं को दर्शाते हैं।
- 2. उत्तर प्रदेश में कुल 75 जिले और 18 प्रशासनिक मंडल हैं, जिनमें क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे छोटा जिला 'हापुड़' है और सबसे बड़ा जिला 'लखीमपुर खीरी' है।
- 3. राज्य की प्रमुख नदी 'गंगा' उत्तर प्रदेश में बिजनौर जिले से प्रवेश करती है और बलिया जिले से बाहर निकलती है, तथा इसकी लंबाई राज्य में सर्वाधिक है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए तीनों कथन पूरी तरह से सत्य हैं। 1. उत्तर प्रदेश को कृषि और जलवायु की दृष्टि से 9 प्रमुख क्षेत्रों में बांटा गया है। 2. उत्तर प्रदेश में प्रशासनिक रूप से 18 मंडल और 75 जिले हैं, जहाँ क्षेत्रफल में सबसे बड़ा जिला लखीमपुर खीरी और सबसे छोटा जिला हापुड़ है। 3. गंगा नदी बिजनौर जिले से उत्तर प्रदेश में प्रवेश करती है और बलिया जिले से बिहार राज्य में प्रवेश करते हुए आगे बढ़ती है। इसलिए विकल्प (d) सही है।
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प्राथमिक स्तर पर पर्यावरण अध्ययन (EVS) के शिक्षण और मूल्यांकन के संदर्भ में, 'रचनावादी उपागम' (Constructivist Approach) और 'सतत एवं व्यापक मूल्यांकन' (Continuous and Comprehensive Evaluation - CCE) के निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. रचनावादी उपागम के अंतर्गत पर्यावरण अध्ययन की कक्षाओं में बच्चों को केवल निष्क्रिय श्रोता के रूप में न रखकर, उन्हें अपने परिवेश से अंतःक्रिया करने, प्रयोग करने और सहपाठियों के साथ मिलकर ज्ञान का सह-निर्माण करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
2. पर्यावरण अध्ययन में मूल्यांकन केवल वर्ष के अंत में ली जाने वाली लिखित परीक्षा तक सीमित होना चाहिए, क्योंकि यही एकमात्र विधि है जिससे बच्चों की स्मरण शक्ति और तथ्यात्मक ज्ञान का सटीक आकलन किया जा सकता है।
3. CCE के तहत पोर्टफोलियो (Portfolio), उपाख्यानात्मक अभिलेख (Anecdotal Records), और सहपाठियों द्वारा मूल्यांकन (Peer Assessment) जैसी गुणात्मक विधियाँ बच्चों की दैनिक सीखने की प्रगति और कौशलों के विकास को मापने के लिए अत्यंत प्रभावी उपकरण हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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पर्यावरण अध्ययन (EVS) के प्राथमिक स्तर पर शिक्षण अधिगम प्रक्रिया के दौरान 'प्राथमिक स्तर पर पर्यावरण अध्ययन की पाठ्यचर्या' (Curriculum) के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा उपागम (Approach) 'राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा' (NCF 2005) के अनुसार सबसे अधिक उपयुक्त और बाल-केंद्रित माना गया है?
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उत्तर प्रदेश की मृदा संरचना और कृषि जलवायु क्षेत्रों (Agro-climatic Zones) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश को कुल 9 (नौ) कृषि-जलवायु क्षेत्रों में विभाजित किया गया है, जो राज्य की भिन्न-भिन्न मृदा, तापमान और वर्षा की स्थिति को दर्शाते हैं।
2. उत्तर प्रदेश के पश्चिमी मैदानी क्षेत्र में मुख्य रूप से बलुई-दोमट और जलोढ़ मृदा पाई जाती है, जो गन्ने और गेहूँ की खेती के लिए सर्वाधिक उपयुक्त मानी जाती है।
3. राज्य के बुंदेलखंड क्षेत्र में पाई जाने वाली 'मार' (Mar) और 'काबर' (Kabar) मृदाएँ अत्यधिक उपजाऊ चिकनी मिट्टी होती हैं, जिनमें नमी धारण करने की क्षमता बहुत अधिक होती है और इन्हें जुताई के लिए अत्यधिक भारी वर्षा की आवश्यकता नहीं होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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पर्यावरण अध्ययन (EVS) के अंतर्गत 'जैव विविधता हॉटस्पॉट' (Biodiversity Hotspots) की संकल्पना के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'जैव विविधता हॉटस्पॉट' की अवधारणा का प्रतिपादन सबसे पहले वर्ष 1988 में प्रसिद्ध ब्रिटिश पर्यावरणविद् नॉर्मन मायेर्स (Norman Myers) द्वारा किया गया था। 2. किसी क्षेत्र को 'हॉटस्पॉट' घोषित करने के लिए दो मुख्य शर्तें अनिवार्य हैं: पहला, उस क्षेत्र में कम से कम 1,500 स्थानिक पौधों की प्रजातियाँ (Endemic Plant Species) होनी चाहिए; और दूसरा, उस क्षेत्र ने अपनी मूल निवास स्थान (Primary Vegetation) का कम से कम 70% या उससे अधिक भाग खो दिया हो। उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं जलवायुगत संदर्भ में, 'दक्षिणी पठारी क्षेत्र' की प्रमुख मृदाओं और उनकी विशेषताओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इस क्षेत्र में पाई जाने वाली 'मार' (Mar) और 'काबर' (Kabar) मृदाएँ मुख्य रूप से चिकनी (Clayey) प्रकृति की होती हैं, जिनमें जल धारण करने की क्षमता अत्यधिक तीव्र होती है और सूखने पर इनमें गहरी दरारें पड़ जाती हैं।
2. 'परवा' (Parwa) मृदा हल्के लाल और भूरे रंग की बलुई-दोमट प्रकार की मिट्टी होती है, जो इस पठारी क्षेत्र के कम उपजाऊ ढलानों और ऊपरी हिस्सों में पाई जाती है, जहाँ सिंचाई के लिए नलकूपों और तालाबों की अधिक आवश्यकता होती है।
3. 'मांड' या 'माड़' मृदा मुख्य रूप से काली मिट्टी से मिलती-जुलती होती है, जो उत्तर प्रदेश के दक्षिणी पठारी जिलों (जैसे- हमीरपुर, जालौन, बांदा और ललितपुर) में प्रचुर मात्रा में पाई जाती है और इसमें रबी तथा खरीफ दोनों फसलों की बंपर पैदावार होती है बिना किसी उर्वरक के।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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