BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

UPTET
7 views

पर्यावरण अध्ययन (EVS) के शिक्षण तथा जैव विविधता (Biodiversity) के संरक्षण के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. जैव विविधता का 'स्व-स्थान संरक्षण' (In-situ Conservation) वह विधि है जिसके अंतर्गत जीवों और वनस्पतियों की प्रजातियों का संरक्षण उनके अपने प्राकृतिक आवास (Natural Habitat) में ही किया जाता है, जिसके अंतर्गत राष्ट्रीय उद्यान, वन्यजीव अभयारण्य, जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र (Biosphere Reserves) और पवित्र उपवन (Sacred Groves) आते हैं।
  2. 2. 'बहिःस्थान संरक्षण' (Ex-situ Conservation) के अंतर्गत लुप्तप्राय और संकटग्रस्त जातियों को उनके प्राकृतिक आवास से बाहर लाकर विशेष रूप से संरक्षित और प्रबंधित वातावरण में रखा जाता है, जैसे कि वनस्पति उद्यान (Botanical Gardens), प्राणी उद्यान (Zoos), जीन बैंक (Gene Banks) और क्रायोप्रिजर्वेशन (Cryopreservation)।
  3. 3. 'हॉटस्पॉट' (Hotspots) की अवधारणा का प्रतिपादन नॉर्मन मायर्स (Norman Myers) द्वारा किया गया था, और किसी क्षेत्र को हॉटस्पॉट घोषित करने के लिए दो मुख्य शर्तें अनिवार्य हैं: उस क्षेत्र में कम से कम 1,500 स्थानिक पौधों की प्रजातियाँ (Endemic plant species) होनी चाहिए, और उस क्षेत्र ने अपनी मूल प्राथमिक वनस्पति का कम से कम 90 प्रतिशत हिस्सा नष्ट कर दिया हो (यानी 90% आवास का नुकसान हुआ हो)।

उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है: स्व-स्थान संरक्षण (In-situ Conservation) में जीवों का संरक्षण उनके प्राकृतिक आवास में किया जाता है, जैसे राष्ट्रीय उद्यान, अभयारण्य और पवित्र उपवन। कथन 2 सही है: बहिःस्थान संरक्षण (Ex-situ Conservation) में संकटग्रस्त जीवों को उनके प्राकृतिक आवास से बाहर (चिड़ियाघर, बॉटनिकल गार्डन, जीन बैंक) संरक्षित किया जाता है। कथन 3 गलत है: नॉर्मन मायर्स द्वारा प्रतिपादित 'हॉटस्पॉट' की दूसरी शर्त यह है कि उस क्षेत्र ने अपनी मूल निवास भूमि का कम से कम 70 प्रतिशत (यानी 70% आवास का नुकसान) खो दिया हो, न कि 90 प्रतिशत। इसलिए कथन 3 असत्य है। अतः केवल कथन 1 और 2 सही हैं।
Share:

Related Questions

उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अभिप्रेरणा के सिद्धांत' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, अब्राहम मास्लो (Abraham Maslow) द्वारा प्रतिपादित 'आवश्यकता पदानुक्रम सिद्धांत' (Hierarchy of Needs: शारीरिक, सुरक्षा, अपनेपन, सम्मान और आत्म-सिद्धि) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'हाइपोथैलेमस' (Hypothalamus - होमियोस्टैसिस और मूल आवश्यकताएं), 'अमीगडाला' (Amygdala - सुरक्षा और संवेगात्मक सुरक्षा), 'वेंट्रोमेडियल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (vmPFC - आत्म-सम्मान और सामाजिक मूल्यांकन), और 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex - आत्म-सिद्धि और उच्च-स्तरीय कार्यकारी योजना) के बीच सर्किटरी सक्रियण, न्यूरोट्रांसमीटर विमोचन (जैसे डोपामाइन और सेरोटोनिन), और प्रेरणा संबंधी गतिकी, तथा एडवर्ड डेसी (Edward Deci) और रिचर्ड रायन (Richard Ryan) के 'आत्म-निर्णय सिद्धांत' (Self-Determination Theory) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-मोटिवेशनल ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Motivational Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में आंतरिक अभिप्रेरणा (Intrinsic Motivation), मनोवैज्ञानिक कल्याण व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है? उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम की प्रेरणा और संवेग' (Motivation and Emotion in Learning) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, अब्राहम मास्लो (Abraham Maslow) द्वारा प्रतिपादित 'आवश्यकता पदानुक्रम सिद्धांत' (Hierarchy of Needs: शारीरिक सुरक्षा से लेकर आत्म-सिद्धि तक) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'हाइपोथैलेमस' (Hypothalamus), 'वेंट्राल टैगमेंटल एरिया' (Ventral Tegmental Area - VTA), और 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex) के बीच होमियोस्टैटिक नियमन, डोपामाइनर्जिक रिवार्ड पाथवे (Dopaminergic Reward Pathway), और आंतरिक अभिप्रेरणा की सक्रियण गतिकी, तथा डेविड मैकक्लेलैंड (David McClelland) के 'त्रि-आवश्यकता सिद्धांत' (Three Needs Theory: उपलब्धि, संबद्धता और सत्ता की आवश्यकता) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-मोटिवेशन ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Motivation Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में सुरक्षित संवेगात्मक वातावरण, उद्देश्यपूर्ण अधिगम व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है? उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'भाषा विकास और मनोभाषिकी सिद्धांतों' के संदर्भ में, नोम चोमस्की (Noam Chomsky) द्वारा प्रतिपादित 'भाषा अर्जन उपकरण' (Language Acquisition Device - LAD) और 'सार्वव्यापक व्याकरण' (Universal Grammar) के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप, तथा जीन पियाजे (Jean Piaget) और लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के भाषा विकास संबंधी विचारों (जैसे 'अहंकेन्द्रित भाषण' बनाम 'सामाजिक भाषण और आंतरिक भाषण') के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, बहुभाषी शिक्षाशास्त्र (Multilingual Pedagogy) और विद्यार्थियों में संप्रेषण कौशल के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है? सामाजिक अध्ययन (Social Studies) शिक्षण के अंतर्गत 'इतिहास और नागरिक शास्त्र के सह-संबंध' (Correlation) के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं तार्किक माना जाता है? बुद्धिमत्ता के 'त्रि-आयामी सिद्धांत' (Structure of Intellect Model) का प्रतिपादन किसने किया था, जिसके अनुसार बुद्धि को तीन आयामों - संक्रिया (Operations), विषय-वस्तु (Contents) और उत्पाद (Products) में वर्गीकृत किया गया है?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.