BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

UPTET
4 views

पर्यावरण अध्ययन (EVS) के शिक्षण अधिगम प्रक्रिया और पर्यावरण शिक्षा के उद्देश्यों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. पर्यावरण अध्ययन में 'सतत विकास' (Sustainable Development) की अवधारणा का मूल उद्देश्य वर्तमान पीढ़ी की आवश्यकताओं को पूरा करते हुए भविष्य की पीढ़ियों की अपनी ज़रूरतों को पूरा करने की क्षमता से समझौता किए बिना संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग करना है।
  2. 2. पर्यावरण शिक्षा के क्षेत्र में 'इकोलॉजिकल फुटप्रिंट' (Ecological Footprint) किसी व्यक्ति, समुदाय या गतिविधि द्वारा पर्यावरण पर पड़ने वाले दबाव को मापने का एक मानक है, जो यह गणना करता है कि उसकी जीवनशैली को बनाए रखने के लिए कुल कितनी जैविक रूप से उत्पादक भूमि और जल की आवश्यकता है।
  3. 3. 'एजेंडा 21' (Agenda 21), जो 1992 के रियो डी जेनेरियो (पृथ्वी शिखर सम्मेलन) में पारित किया गया था, उसका मुख्य उद्देश्य केवल औद्योगिक प्रदूषण को नियंत्रित करना था और इसमें प्राथमिक या माध्यमिक स्तर की पर्यावरण शिक्षा तथा नागरिकों की भागीदारी का कोई उल्लेख नहीं किया गया था।

उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि 'सतत विकास' (Sustainable Development) की सबसे प्रसिद्ध परिभाषा 'ब्रंटलैंड रिपोर्ट' (Our Common Future, 1987) द्वारा दी गई थी, जिसका अर्थ वर्तमान और भविष्य दोनों पीढ़ियों के हितों का संतुलन बनाना है। कथन 2 सही है क्योंकि 'इकोलॉजिकल फुटप्रिंट' (Ecological Footprint) पर्यावरण प्रभाव का आकलन करने का एक वैज्ञानिक उपकरण है जो मानव मांग और प्रकृति की पुनरुत्पादन क्षमता (Biocapacity) के बीच की तुलना करता है। कथन 3 गलत है क्योंकि 1992 के रियो पृथ्वी शिखर सम्मेलन में स्वीकृत 'एजेंडा 21' का दायरा बहुत व्यापक था, जिसमें गरीबी उन्मूलन, स्वास्थ्य और जनसंख्या के साथ-साथ शिक्षा, जन-जागरूकता और गैर-सरकारी संगठनों की भूमिका को बढ़ावा देना शामिल था।
Share:

Related Questions

उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'नैतिक विकास के सिद्धांत' (Theory of Moral Development) के संदर्भ में, अमेरिकी मनोवैज्ञानिक लॉरेंस कोहलवर्ग (Lawrence Kohlberg) द्वारा प्रतिपादित नैतिक विकास के चरणों में से 'उत्तर-रूढ़िगत स्तर' (Post-Conventional Morality) के अंतर्गत आने वाले दूसरे चरण यानी 'सार्वभौमिक नैतिक अंतःचेतना अभिविन्यास' (Universal Ethical Principle Orientation - Stage 6) की सबसे विशिष्ट और मूल मनोवैज्ञानिक विशेषता निम्नलिखित में से क्या है? उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'विशिष्ट अधिगम अक्षमताएँ (Specific Learning Disabilities - SLD)' के संदर्भ में, सैमुअल किर्क (Samuel Kirk) द्वारा गढ़े गए और बाद में विकसित 'डyslexia (पठन वैकल्य)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'बाएं गोलार्ध के पश्च लौब' (Left Posterior Hemisphere), विशेष रूप से 'अंसुलेट गाइरस' (Angular Gyrus) और 'विजुअल वर्ड फॉर्म एरिया' (Visual Word Form Area - VWFA) के बीच फॉनोलॉजिकल प्रोसेसिंग (Phonological Processing), दृश्य-शब्द पहचान और ऑर्थोग्राफिक मैपिंग (Orthographic Mapping) की सक्रियण विसंगति, तथा स्टैनिस्लास डीहेन (Stanislas Dehaene) द्वारा प्रतिपादित 'न्यूरोनल रिसाइक्लिंग हाइपोथीसिस' (Neuronal Recycling Hypothesis) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, उपचारात्मक शिक्षाशास्त्र (Remedial Pedagogy) और विद्यार्थियों में बहुसंवेदी साक्षरता दृष्टिकोण (Multi-sensory Literacy Approach: ओर्टन-गिर्लिंगहैम पद्धति), ध्वन्यात्मक जागरूकता और संज्ञानात्मक लचीलेपन के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है? उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बुद्धि के द्विकारक और त्रिआयामी सिद्धांत' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, चार्ल्स स्पीयरमैन (Charles Spearman) द्वारा प्रतिपादित 'जी-कारक और एस-कारक' (General and Specific Factors) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'फ्रंटोपैरीएटल इंटीग्रेशन नेटवर्क' (P-FIT) के बीच सामान्य मानसिक ऊर्जा और विशिष्ट तंत्रिका दक्षता की सक्रियण गतिकी, तथा जे.पी. गिलफोर्ड (J.P. Guilford) द्वारा प्रतिपादित 'बुद्धि की संरचना मॉडल' (Structure of Intellect - SOI Model: विषयवस्तु, संक्रियाएं और उत्पाद) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, बहुआयामी समस्या-समाधान शिक्षाशास्त्र (Multidimensional Problem-Solving Pedagogy) और विद्यार्थियों में अभिसारी व अपसारी चिंतन, संज्ञानात्मक लचीलेपन व समग्र बौद्धिक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है? उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अभिप्रेरणा' (Motivation) के संदर्भ में, मनोवैज्ञानिक अब्राहम मास्लो (Abraham Maslow) द्वारा प्रतिपादित 'आवश्यकताओं का पदानुक्रम सिद्धांत' (Hierarchy of Needs Theory) के अंतर्गत, निम्नलिखित में से कौन सी आवश्यकता मास्लो के पदानुक्रम में सबसे उच्चतम (शीर्ष) स्तर का प्रतिनिधित्व करती है और व्यक्ति के पूर्ण विकास (Self-Actualization) के बाद उसकी आंतरिक संतुष्टि से जुड़ी होती है? उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम की विधियाँ और शिक्षण प्रणालियाँ' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, बी.एफ. स्किनर (B.F. Skinner) द्वारा प्रतिपादित 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन' (Operant Conditioning: सकारात्मक व नकारात्मक पुनर्बलन और सज़ा) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'वेंट्रलग्रुप स्ट्रेटम' (Ventral Striatum), 'न्यूक्लियस एकुम्बेंस' (Nucleus Accumbens), 'डोपामिनर्जिक मेसोलिम्बिक पाथवे' (Dopaminergic Mesolimbic Pathway), और 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex) के बीच प्रेरणा आधारित अनुक्रिया गठन (Response Generation), आदत निर्माण (Habit Formation), और आवेग नियंत्रण की सक्रियण गतिकी, तथा एडवर्ड थॉर्नडाइक के 'प्रभाव के नियम' (Law of Effect) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-बिहेवियरल ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Behavioral Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में सकारात्मक सुदृढ़ीकरण रणनीतियों, स्व-नियमन (Self-Regulation) व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.