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बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के संदर्भ में लेव वायगोत्स्की (Lev Vygotsky) के 'सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत' (Socio-cultural Theory) और संज्ञानात्मक विकास की अवधारणा के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. वायगोत्स्की के अनुसार बालक का संज्ञानात्मक विकास किसी सामाजिक या सांस्कृतिक संदर्भ से स्वतंत्र रूप से एकांत में होने वाली प्रक्रिया है, जिसमें भाषा केवल एक गौण उपकरण है जो विचार को प्रभावित नहीं करती है।
  2. 2. 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) उस अंतर को दर्शाता है जो बच्चे के स्वतंत्र रूप से किसी समस्या को हल करने के स्तर और किसी वयस्क या अधिक सक्षम साथी (More Knowledgeable Other - MKO) के मार्गदर्शन में समस्या हल करने के स्तर के बीच होता है।
  3. 3. 'चान्स्कैफल्डिंग' (Scaffolding) या मचान/पाड़ उस अस्थायी सहयोग या समर्थन को कहते हैं जो सीखने की प्रक्रिया के दौरान शुरुआती चरणों में दिया जाता है और जैसे-जैसे बच्चे की दक्षता बढ़ती जाती है, उस समर्थन को धीरे-धीरे कम कर दिया जाता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 असत्य है क्योंकि लेव वायगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत के अनुसार बालक का संज्ञानात्मक विकास सामाजिक अंतःक्रिया (Social Interaction), संस्कृति और भाषा के माध्यम से होता है। वायगोत्स्की मानते थे कि भाषा संज्ञानात्मक विकास में सबसे महत्वपूर्ण सांस्कृतिक उपकरण है, जो पहले सामाजिक भाषण के रूप में और बाद में आंतरिक भाषण के रूप में विचार को आकार देती है। कथन 2 सत्य है; ZPD वास्तविक विकास स्तर और संभावित विकास स्तर के बीच का वह क्षेत्र है जहाँ बच्चा उचित मार्गदर्शन के साथ सीख सकता है। कथन 3 सत्य है; 'स्कैफल्डिंग' (Scaffolding) का अर्थ जेरोम ब्रूनर और वायगोत्स्की के संदर्भ में उस अस्थायी समर्थन से है जो सीखने वाले को जटिल कार्यों को पूरा करने के लिए दिया जाता है।
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