BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

UPTET
7 views

हिंदी भाषा और व्याकरण के अंतर्गत 'शब्द विचार' और 'विकारी-अविकारी शब्दों' के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. विकारी शब्द वे शब्द होते हैं जिनमें लिंग, वचन, कारक या काल के आधार पर परिवर्तन (विकार) आ जाता है, और इसके अंतर्गत संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण और क्रिया शब्दों को शामिल किया जाता है।
  2. 2. अविकारी शब्द (अव्यय) वे शब्द होते हैं जिनके रूप में लिंग, वचन या कारक के कारण कोई परिवर्तन नहीं होता है, तथा इसके प्रमुख भेदों में क्रियाविशेषण, संबंधबोधक, समुच्चयबोधक और विस्मयादिबोधक शामिल हैं।
  3. 3. 'समुच्चयबोधक अव्यय' वे शब्द होते हैं जो किसी संज्ञा या सर्वनाम के बाद आकर उसका संबंध वाक्य के दूसरे पदों के साथ जोड़ते हैं, जबकि 'संबंधबोधक अव्यय' दो शब्दों, वाक्यांशों या वाक्यों को आपस में जोड़ने का कार्य करते हैं।

उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि विकारी शब्द वे होते हैं जिनमें लिंग, वचन, पुरुष, कारक और काल के कारण परिवर्तन होता है, और इसके अंतर्गत संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण और क्रिया आते हैं। कथन 2 सही है क्योंकि अविकारी शब्दों (अव्यय) में किसी भी स्थिति में रूप परिवर्तन नहीं होता है और इसके अंतर्गत क्रियाविशेषण, संबंधबोधक, समुच्चयबोधक और विस्मयादिबोधक आते हैं। कथन 3 असत्य है क्योंकि परिभाषाओं को आपस में उलट दिया गया है; 'संबंधबोधक अव्यय' संज्ञा या सर्वनाम के बाद आकर वाक्य के अन्य पदों से संबंध जोड़ते हैं, जबकि 'समुच्चयबोधक अव्यय' दो शब्दों, वाक्यांशों या वाक्यों को जोड़ने का कार्य करते हैं। अतः केवल कथन 1 और 2 सही हैं।
Share:

Related Questions

उत्तर प्रदेश के हस्तशिल्प, पारंपरिक कलाओं और उनके प्रमुख उत्पादन केंद्रों (ODOP - एक जिला एक उत्पाद योजना) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उत्तर प्रदेश सरकार की 'एक जिला एक उत्पाद' (ODOP) योजना के तहत 'मुरादाबाद' को 'पीतल और धातु शिल्प' (Brass and Metal Craft) के लिए तथा 'भदोही' को 'कालीन उद्योग' (Carpet Industry) के लिए प्रमुख केंद्र के रूप में चिन्हित किया गया है। 2. 'लखनऊ' का 'चिकनकारी' (Chikankari) कार्य और 'महोली' या 'कन्नौज' का 'इत्र' (Perfume) उत्पादन वैश्विक स्तर पर भौगोलिक संकेत (GI Tag) प्राप्त कर चुके हैं। 3. वाराणसी जिला 'लकड़ी के खिलौने और नक्काशी' के लिए प्रसिद्ध है, जबकि सहारनपुर को 'काष्ठ कला' (Wood Carving) के लिए विशेष पहचान प्राप्त है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं? उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम के संज्ञानात्मक और रचनावादी उपागम' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, डेविड औसुबेल (David Ausubel) द्वारा प्रतिपादित 'सार्थक मौखिक अधिगम सिद्धांत' (Theory of Meaningful Verbal Learning: अग्रिम संगठनकर्ता या एडवांस ऑर्गेनाइज़र) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus), 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex), और 'एंटोरहिनल कॉर्टेक्स' (Entorhinal Cortex) के बीच मौजूदा संज्ञानात्मक संरचनाओं के साथ नए ज्ञान के एकीकरण (Assimilation), सिनैप्टिक नेटवर्किंग, और स्कीमा पुनर्निर्माण (Schema Reconstruction) की सक्रियण गतिकी, तथा जीन पियाजे (Jean Piaget) के 'ज्ञानात्मक संतुलन (Equilibration)' मॉडल के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-कॉग्निटिव कंस्ट्रक्टिविस्ट पेडागोजी' (Neuro-Cognitive Constructivist Pedagogy) और विद्यार्थियों में अवधारणात्मक स्पष्टता, आरेखीय मानचित्रण (Concept Mapping) व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है? बच्चों के भाषा विकास और संज्ञानात्मक विकास के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. जीन पियाजे (Jean Piaget) के अनुसार भाषा का विकास मुख्य रूप से संज्ञानात्मक विकास का उपोत्पाद (By-product) है, और बच्चों में देखा जाने वाला 'अहंकेन्द्रित वाक्' (Egocentric Speech) उनकी संज्ञानात्मक अपरिपक्वता को दर्शाता है जो दूसरों के दृष्टिकोण को समझने में असमर्थता का प्रतीक है। 2. लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के अनुसार भाषा और विचार शुरुआती जीवन में दो स्वतंत्र और अलग स्रोत से उत्पन्न होते हैं, लेकिन लगभग दो वर्ष की आयु के बाद वे आपस में मिलकर 'मौखिक सोच' (Verbal Thought) का निर्माण करते हैं, और उनका 'व्यक्तिगत वाक्' (Private Speech) बच्चों को स्व-विनियमन (Self-regulation) में मदद करता है। 3. नोम चोमस्की (Noam Chomsky) के 'भाषा अर्जन उपकरण' (Language Acquisition Device - LAD) सिद्धांत के अनुसार, बच्चों में भाषा सीखने की क्षमता एक सामाजिक अनुबंधन का परिणाम है, न कि कोई जन्मजात या जैविक विशेषता। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं? उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं कृषि-जलवायु परिदृश्य के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उत्तर प्रदेश को कुल 9 कृषि-जलवायु क्षेत्रों (Agro-climatic Zones) में विभाजित किया गया है, और यहाँ की सर्वाधिक उपजाऊ जलोढ़ मृदा (Alluvial Soil) को स्थानीय रूप से 'कछारी' या 'खादर' कहा जाता है, जिसमें पोटाश और चूने की प्रचुरता होती है लेकिन नाइट्रोजन और ह्यूमस की कमी पाई जाती है। 2. उत्तर प्रदेश में बहने वाली घाघरा नदी (जिसे पर्वतीय क्षेत्रों में कर्णाली कहा जाता है) राज्य में लखीमपुर खीरी और बहराइच जिलों की सीमा बनाते हुए प्रवेश करती है और छपरा के निकट गंगा में मिल जाती है, जबकि राप्ती नदी इसकी प्रमुख सहायक नदी है। 3. राज्य में स्थित 'भात और मूँड़' प्रकार की मृदा विशेष रूप से विंध्य पर्वतीय एवं पठारी क्षेत्र में पाई जाती है, जो कि कम उपजाऊ होती है और इसमें मोटे अनाजों (जैसे ज्वार, बाजरा) की खेती की जाती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं? उत्तर प्रदेश के भौगोलिक विभाजन और उसकी भौतिक विशेषताओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उत्तर प्रदेश का संपूर्ण मैदानी भाग गंगा, यमुना और उनकी सहायक नदियों द्वारा लाई गई जलोढ़ (Alluvial) मिट्टियों से निर्मित है, जिसे भूगर्भीय दृष्टि से प्राचीन प्रायद्वीपीय पठार का उत्तरी भाग माना जाता है। 2. उत्तर प्रदेश के दक्षिण में स्थित पठारी प्रदेश (बुंदेलखंड क्षेत्र) के अंतर्गत बांदा, हमीरपुर, महोबा, जालौन और ललितपुर जिले आते हैं, जहाँ की मुख्य नदियाँ बेतवा, केन और टोंस हैं जो दक्षिण से उत्तर की ओर बहकर यमुना में मिलती हैं। 3. उत्तर प्रदेश की जलवायु सामान्यतः 'उष्ण कटिबंधीय मानसूनी' (Tropical Monsoon) प्रकार की है, जिसमें राज्य के पूर्वी और तराई क्षेत्रों में पश्चिमी और बुंदेलखंड क्षेत्रों की तुलना में औसतन अधिक वर्षा प्राप्त होती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.