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Indian Polity
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संविधान के भाग 17 में क्या है?

Detailed Explanation

भाग 17 में राजभाषा है।
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भारतीय संविधान के चतुर्थ भाग के अंतर्गत वर्णित राज्य के नीति निर्देशक तत्वों (DPSP - अनुच्छेद 36-51) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 39(b) और 39(c) के अंतर्गत निहित नीति निर्देशक सिद्धांतों को प्रभावी बनाने के लिए यदि संसद या राज्य विधानमंडल द्वारा कोई विधि बनाई जाती है और वह विधि अनुच्छेद 14 या अनुच्छेद 19 द्वारा प्रदत्त मूल अधिकारों का उल्लंघन करती है, तो उसे इस आधार पर शून्य घोषित नहीं किया जाएगा कि वह उक्त मूल अधिकारों का असंगत है (अनुच्छेद 31C)। 2. अनुच्छेद 44 के तहत राज्य पूरे भारत के राज्यक्षेत्र में नागरिकों के लिए एक समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code) को सुरक्षित करने का प्रयास करेगा, और यह सिद्धांत प्रकृति से न्यायोचित (Justiciable) है, जिसका अर्थ है कि इसे लागू कराने के लिए सीधे उच्चतम न्यायालय के समक्ष याचिका दायर की जा सकती है। 3. संविधान (बयालीसवां संशोधन) अधिनियम, 1976 द्वारा नीति निर्देशक तत्वों में कुछ नए निर्देश जोड़े गए, जिनमें बच्चों के स्वस्थ विकास के लिए अवसरों को सुरक्षित करना (अनुच्छेद 39), समान न्याय और निःशुल्क विधिक सहायता (अनुच्छेद 39A), तथा उद्योगों के प्रबंधन में कामगारों की भागीदारी (अनुच्छेद 43A) शामिल हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? भारतीय संविधान के 74वें संशोधन अधिनियम, 1992 के अंतर्गत शहरी स्थानीय शासन (नगरपालिकाओं) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इस अधिनियम द्वारा संविधान में भाग IX-A जोड़ा गया, जिसमें अनुच्छेद 243-P से 243-ZG तक के प्रावधान शामिल हैं, तथा इसके तहत तीन प्रकार की नगरपालिकाओं—नगर पंचायत, नगरपालिका परिषद और नगर निगम—के गठन का प्रावधान किया गया है, किंतु 3 लाख से अधिक जनसंख्या वाले प्रत्येक महानगर क्षेत्र के लिए वार्ड समितियों (Ward Committees) का गठन करना अनिवार्य है। 2. संविधान के अनुच्छेद 243-W के अंतर्गत नगरपालिकाओं को आर्थिक विकास और सामाजिक न्याय के लिए योजनाएं तैयार करने तथा बारहवीं अनुसूची में सूचीबद्ध 18 विषयों के संबंध में कार्य करने की शक्ति प्रदान की गई है, और इन विषयों पर विधि बनाकर उत्तरदायित्व सौंपना राज्य विधानमंडल की विवेकपूर्ण शक्ति है, न कि संवैधानिक बाध्यता। 3. प्रत्येक नगरपालिका के लिए 5 वर्ष का निश्चित कार्यकाल निर्धारित किया गया है, और यदि नगरपालिका का विघटन 5 वर्ष का कार्यकाल पूरा होने से पूर्व होता है, तो विघटन की तारीख से 6 मास के भीतर नए चुनाव कराना अनिवार्य है, तथा इस प्रकार गठित नई नगरपालिका शेष बची हुई पूरी अवधि (Full Remainder Term) के लिए कार्य करती है। भारतीय संविधान के अंतर्गत भारत के उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मंत्रिपरिषद के संवैधानिक संबंधों, उनकी शक्तियों तथा दायित्वों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 67(b) के अनुसार उपराष्ट्रपति को उसके पद से हटाने के लिए राज्यसभा द्वारा अपने तत्कालीन समस्त सदस्यों के बहुमत से पारित संकल्प और लोकसभा द्वारा उस संकल्प से सहमत होना अनिवार्य है, किंतु इसके लिए लोकसभा के केवल साधारण बहुमत की आवश्यकता होती है और इस प्रक्रिया को शुरू करने से पहले उपराष्ट्रपति को 14 दिन की पूर्व लिखित सूचना देना आवश्यक है। 2. अनुच्छेद 75 के अंतर्गत प्रधानमंत्री की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है और अन्य मंत्रियों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा प्रधानमंत्री की सलाह पर की जाती है, तथा संविधान के अनुसार प्रधानमंत्री सहित मंत्रिपरिषद के सदस्यों की कुल संख्या किसी भी स्थिति में लोकसभा की कुल सदस्य संख्या के 15 प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकती, जिसमें राज्यों के मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री दोनों सम्मिलित होते हैं। 3. अनुच्छेद 78 के प्रावधानों के तहत प्रधानमंत्री का यह संवैधानिक कर्तव्य है कि वह संघ के प्रशासन के संज्ञान से संबंधित मंत्रिपरिषद के सभी विनिश्चय राष्ट्रपति को संसूचित करे और राष्ट्रपति द्वारा मांगे जाने पर प्रशासन संबंधी जानकारी उपलब्ध कराए, किंतु राष्ट्रपति अपनी इच्छा से मंत्रिपरिषद के किसी भी निर्णय को स्वतः संज्ञान लेकर पुनर्विचार के लिए वापस नहीं भेज सकता जब तक कि प्रधानमंत्री ऐसा अनुरोध न करे। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? भारतीय संविधान की अनुसूचियों, भागों और राजभाषा से संबंधित प्रावधानों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान की आठवीं अनुसूची में मूल रूप से 14 भाषाएँ थीं, जिन्हें बाद में विभिन्न संविधान संशोधनों (जैसे- 21वें, 71वें, 92वें और 96वें संशोधन) के माध्यम से जोड़कर वर्तमान में 22 भाषाएँ कर दिया गया है, किंतु अंग्रेजी और राजस्थानी भाषाओं को अभी तक इस अनुसूची में शामिल नहीं किया गया है। 2. संविधान का भाग XVII (भाग-17) अनुच्छेद 343 से 351 तक राजभाषा से संबंधित है, जिसके अनुच्छेद 343 के अनुसार संघ की राजभाषा देवनागरी लिपि में हिंदी होगी, किंतु संसद को विधि द्वारा वर्ष 1965 के बाद भी सरकारी कार्यों के लिए अंग्रेजी भाषा के निरंतर प्रयोग को प्राधिकृत करने की शक्ति दी गई है, जिसके तहत राजभाषा अधिनियम, 1963 पारित किया गया था। 3. संविधान के अनुच्छेद 350-A के अनुसार प्रत्येक राज्य और राज्य के भीतर प्रत्येक स्थानीय प्राधिकारी भाषाई अल्पसंख्यक वर्गों के बालकों को शिक्षा के प्राथमिक स्तर पर मातृभाषा में शिक्षा के पर्याप्त सुविधाओं की व्यवस्था करने का प्रयास करेगा, जिसे सातवें संविधान संशोधन अधिनियम, 1956 द्वारा अंतःस्थापित किया गया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? भारतीय संविधान के अंतर्गत मूल कर्तव्यों (Fundamental Duties) के प्रावधानों, उनकी प्रकृति तथा स्वर्ण सिंह समिति की सिफारिशों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. मूल संविधान में एक भी मूल कर्तव्य का प्रावधान नहीं था, किंतु सरदार स्वर्ण सिंह समिति की संस्तुति के आधार पर 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा संविधान के भाग IV-क के अनुच्छेद 51-क के अंतर्गत मूल कर्तव्यों को समाविष्ट किया गया, जिसमें प्रारंभ में कुल 10 मूल कर्तव्य जोड़े गए थे। 2. 86वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2002 के माध्यम से संविधान में एक नया मूल कर्तव्य जोड़ा गया, जिसके तहत छह से चौदह वर्ष की आयु के अपने बच्चों को शिक्षा के अवसर प्रदान करने का कर्तव्य माता-पिता या संरक्षक का होगा, और इस प्रकार वर्तमान में कुल मूल कर्तव्यों की संख्या 11 हो गई है। 3. नीति निर्देशक तत्वों की भांति मूल कर्तव्य भी प्रकृति से न्यायोचित (Justiciable) हैं, जिसका अर्थ है कि यदि कोई नागरिक अपने मूल कर्तव्यों का पालन नहीं करता है, तो संसद के पास उन्हें दंडित करने या उनके विरुद्ध न्यायालय में प्रत्यक्ष रूप से प्रवर्तनीय विधियाँ बनाने की पूर्ण शक्ति प्राप्त है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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