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बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के संदर्भ में लॉरेंस कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg) के 'नैतिक विकास के सिद्धांत' (Theory of Moral Development) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. कोहलबर्ग ने अपने सिद्धांत के विकास के लिए 'हाइन्ज दुविधा' (Heinz Dilemma) जैसी नैतिक कहानियों का उपयोग करके बालकों और वयस्कों के साथ दीर्घकालिक अनुदैर्ध्य (Longitudinal) अध्ययन किया था।
- 2. उत्तर-रूढ़िगत नैतिकता (Post-conventional Morality) के अंतर्गत आने वाले 'सामाजिक अनुबंध और व्यक्तिगत अधिकार' (Social Contract and Individual Rights) चरण में व्यक्ति यह मानता है कि नियम अपरिवर्तनीय और कठोर हैं तथा उनका पालन केवल समाज में व्यवस्था बनाए रखने और सजा से बचने के लिए किया जाना चाहिए।
- 3. कोहलबर्ग के नैतिक विकास के छह चरणों को तीन प्रमुख स्तरों (Levels) में विभाजित किया गया है, और उनके इस सिद्धांत की प्रसिद्ध मनोवैज्ञानिक केन गिलगन (Carol Gilligan) ने यह कहकर आलोचना की थी कि यह सिद्धांत पुरुषों और महिलाओं के नैतिक विकास के दृष्टिकोण में अंतर (विशेषकर देखभाल बनाम न्याय के नैतिक परिप्रेक्ष्य) की उपेक्षा करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि लॉरेंस कोहलबर्ग ने अपने नैतिक विकास के सिद्धांत को प्रतिपादित करने के लिए 'हाइन्ज दुविधा' (Heinz's Dilemma) का उपयोग किया था और बालकों के नैतिक तर्कों को समझने के लिए अनुदैर्ध्य (Longitudinal) अध्ययन किया था। कथन 2 गलत है क्योंकि नियमों को अपरिवर्तनीय मानना, कठोरता से पालन करना तथा सजा से बचना कोहलबर्ग के प्रथम स्तर (पूर्व-रूढ़िगत नैतिकता) के अंतर्गत 'आज्ञाकारिता एवं दंड अभिविन्यास' (Obedience and Punishment Orientation) से संबंधित है, न कि उत्तर-रूढ़िगत नैतिकता के 'सामाजिक अनुबंध' चरण से। उत्तर-रूढ़िगत स्तर पर व्यक्ति सामाजिक नियमों को निरपेक्ष नहीं बल्कि लचीला और आपसी सहमति पर आधारित मानता है। कथन 3 सही है क्योंकि कोहलबर्ग के छह चरणों को तीन स्तरों में बांटा गया है, और उनकी प्रसिद्ध शिष्या/सहकर्मी कैरोल गिलगन (Carol Gilligan) ने उनके सिद्धांत की आलोचना यह कहते हुए की थी कि उनके शोध का नमूना मुख्य रूप से पुरुषों पर आधारित था और यह महिलाओं के नैतिक विकास में 'देखभाल की नैतिकता' (Ethics of Care) के पहलू की उपेक्षा करता है। अतः केवल कथन 1 और 3 सही हैं।
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