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UPTET
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं भू-गर्भीय इतिहास के संदर्भ में, राज्य का सबसे प्राचीन भू-भाग कौन सा माना जाता है और यह किस भू-वैज्ञानिक संरचना का हिस्सा है?

Detailed Explanation

उत्तर प्रदेश के भू-गर्भीय स्वरूप के अध्ययन से यह स्पष्ट होता है कि राज्य का दक्षिण का पठारी भाग (विशेषकर बुंदेलखंड क्षेत्र) प्रायद्वीपीय भारत के पठार का ही उत्तरी विस्तार है। यह क्षेत्र पृथ्वी की सबसे प्राचीन प्री-कैंब्रियन काल की ग्निस (Gneiss) और ग्रेनाइट चट्टानों से निर्मित है, जो इसे उत्तर प्रदेश का सबसे प्राचीन भू-भाग बनाता है। इसके विपरीत, गंगा-यमुना का मैदान अपेक्षाकृत बहुत नया है जो नदियों के जलोढ़ निक्षेपों से बना है।
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उत्तर प्रदेश की कृषि, प्रमुख फसलों के उत्पादन तथा मृदा परीक्षण योजनाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उत्तर प्रदेश देश में कुल खाद्यान्न उत्पादन, गेहूँ, आलू और गन्ने के उत्पादन में प्रथम स्थान पर है, तथा राज्य में 'उत्तर प्रदेश राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद' की स्थापना कृषि विपणन को व्यवस्थित करने के लिए की गई है। 2. उत्तर प्रदेश में किसानों को उनकी कृषि भूमि की उर्वरता की जानकारी प्रदान करने और संतुलित उर्वरक प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए 'मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना' (Soil Health Card Scheme) के तहत सभी जिलों में आधुनिक परीक्षण प्रयोगशालाएं स्थापित की गई हैं। 3. उत्तर प्रदेश के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल के लगभग आधे से अधिक भाग पर धान की खेती की जाती है, और राज्य का 'पूर्वी क्षेत्र' (Eastern Region) चावल के उत्पादन में बुंदेलखंड क्षेत्र की तुलना में काफी पीछे है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं? उत्तर प्रदेश के खनिजों, ऊर्जा संसाधनों और उद्योग से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उत्तर प्रदेश के सोनभद्र और मिर्जापुर जिलों में 'चूना पत्थर' (Limestone), 'कोयला' और 'नॉन-प्लास्टिक फायर क्ले' जैसे खनिज प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, और सोनभद्र का डल्ला क्षेत्र सीमेंट उद्योग के लिए प्रसिद्ध है। 2. उत्तर प्रदेश में तांबा और यूरेनियम के एकमात्र भंडार क्रमशः ललितपुर जिले में पाए जाते हैं, जहाँ यूरेनियम का उपयोग परमाणु ऊर्जा उत्पादन में किया जाता है। 3. उत्तर प्रदेश का फिरोजाबाद जिला कांच और चूड़ियों के निर्माण के लिए देश भर में प्रसिद्ध है, जिसे 'सुहाग नगरी' भी कहा जाता है, जबकि पीतल के बर्तनों के लिए मुरादाबाद को 'पीतल नगरी' के रूप में जाना जाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं? बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के अंतर्गत लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के 'सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत' (Socio-cultural Theory of Development) और संज्ञानात्मक विकास की प्रक्रिया के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. वाइगोत्स्की के अनुसार बालक का संज्ञानात्मक विकास मुख्य रूप से जैविक परिपक्वता और स्वतंत्र अन्वेषण का परिणाम नहीं है, बल्कि यह सामाजिक अंतःक्रिया (Social Interaction), संस्कृति (Culture) और भाषा (Language) के आपसी तालमेल से होता है। 2. 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) उस वास्तविक विकास स्तर और संभावित विकास स्तर के बीच का अंतर है, जिसे बालक किसी वयस्क या अधिक ज्ञानी अन्य (More Knowledgeable Other - MKO) के निर्देशन या सहयोग से प्राप्त कर सकता है। 3. 'मचान' या 'पाड़' (Scaffolding) उस स्थायी और अपरिवर्तनीय जैविक समर्थन को कहा जाता है जो आनुवंशिक रूप से माता-पिता द्वारा बच्चों को उनकी किशोरावस्था के दौरान प्रदान किया जाता है ताकि वे स्वतंत्र रूप से जटिल समस्याओं को हल कर सकें। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं? बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के संदर्भ में जीन पियाजे (Jean Piaget) के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत की अवस्थाओं और लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत के प्रमुख संप्रत्ययों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. पियाजे के अनुसार 'पूर्व संक्रियात्मक अवस्था' (Pre-operational Stage, लगभग 2 से 7 वर्ष) में बालक में 'संरक्षण' (Conservation) का गुण पूरी तरह विकसित हो जाता है, जिससे वह समझ जाता है कि किसी वस्तु के आकार या रूप बदलने पर उसकी मात्रा या द्रव्यमान पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। 2. वाइगोत्स्की के सिद्धांत में 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) वास्तविक विकास स्तर (स्वयं द्वारा समस्याओं को हल करने की क्षमता) और संभावित विकास स्तर (वयस्क या अधिक ज्ञानी अन्य व्यक्ति के मार्गदर्शन में हल करने की क्षमता) के बीच के अंतर को दर्शाता है। 3. वाइगोत्स्की ने संज्ञानात्मक विकास में भाषा की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण माना है, और उनके अनुसार बालकों द्वारा अपने ही कार्यों को निर्देशित करने के लिए किया जाने वाला 'निजी भाषण' (Private Speech) आगे चलकर आंतरिक विचार (Inner Speech) में परिवर्तित हो जाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं? उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम स्थानांतरण' (Transfer of Learning) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, एडवर्ड थॉर्नडाइक (Edward Thorndike) तथा सी.डब्ल्यू. विच द्वारा प्रतिपादित 'समान तत्वों का सिद्धांत' (Theory of Identical Elements) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'सेंसरी कॉर्टेक्स' (Sensory Cortex), 'मोटर कॉर्टेक्स' (Motor Cortex), और 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus) के बीच तंत्रिका मार्ग साझाकरण (Neural Pathway Sharing), सिनैप्टिक रीमैपिंग (Synaptic Remapping), और क्रॉस-मॉडालिटी ट्रांसफर की सक्रियण गतिकी, तथा चार्ल्स जुड के 'सामान्यीकरण सिद्धांत' (Theory of Generalization) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-ट्रांसफर ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Transfer Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में व्यावहारिक अनुप्रयोग (Practical Application), कौशल सामान्यीकरण व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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