BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

UPTET
6 views

उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं सांस्कृतिक संदर्भ में, राज्य के किस जिले में प्रसिद्ध 'देवा शरीफ का मेला' (Haji Waris Ali Shah Mela) आयोजित किया जाता है, जो हिंदू-मुस्लिम एकता और साप्रदायिक सौहार्द का एक अनूठा प्रतीक माना जाता है?

Detailed Explanation

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में देवा शरीफ (देवा) नामक स्थान पर प्रसिद्ध सूफी संत हाजी वारिस अली शाह की मजार पर हर साल 'देवा शरीफ का मेला' आयोजित किया जाता है। यह मेला राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सांप्रदायिक सद्भाव और एकता के प्रतीक के रूप में विख्यात है, जहाँ विभिन्न धर्मों के लोग अपनी मन्नतें मांगने आते हैं।
Share:

Related Questions

उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं भू-गर्भीय इतिहास के संदर्भ में, 'बुंदेलखंड पठार' के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यह क्षेत्र प्राचीनतम 'गोंडवानालैंड' का एक भाग है, जिसका निर्माण मुख्य रूप से प्री-कैम्बियन युग की नीस (Gneiss), ग्रेनाइट और विंध्यन क्रम की बलुआ पत्थरों एवं चूना पत्थर की चट्टानों से हुआ है। 2. इस पठारी क्षेत्र में मिलने वाली अधिकांश नदियाँ (जैसे- चंबल, बेतवा, केन और धसान) वर्षा पर आधारित होने के कारण मौसमी (Non-perennial) प्रकृति की हैं और इन्होंने यहाँ गहरी खड्डों (Ravines) एवं बीहड़ों का निर्माण किया है। 3. इस क्षेत्र की प्रमुख मृदा 'मार' और 'काबर' हैं, जो अत्यधिक उपजाऊ और जल सोखने की क्षमता वाली चिकनी मिट्टी हैं, जिसके कारण यहाँ सिंचाई की आवश्यकता न्यूनतम होती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं? उत्तर प्रदेश की मृदाओं और उनके स्थानीय नामों के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: 1. 'मार मृदा' - यह एक प्रकार की चिकनी, काली एवं भारी मृदा है, जिसमें नमी धारण करने की अपार क्षमता होती है और सूखने पर इसमें गहरी दरारें पड़ जाती हैं, तथा यह मुख्य रूप से बुंदेलखंड क्षेत्र में पाई जाती है। 2. 'काबर मृदा' - यह मार मृदा के समान ही चिकनी और काले या भूरे रंग की उपजाऊ मृदा है, लेकिन इसमें चिकनी मिट्टी की मात्रा थोड़ी कम होती है और यह भी बुंदेलखंड के मैदानी भागों में कृषि के लिए उपयोग की जाती है। 3. 'परवा मृदा' - यह हल्की दोमट और बलुई-मिश्रित लाल-भूरे रंग की मृदा है, जो मुख्य रूप से ढाल वाले क्षेत्रों और ऊँचे भागों पर पाई जाती है, जहाँ सिंचाई की आवश्यकता अधिक होती है। 4. 'रांड मृदा' - यह बुंदेलखंड क्षेत्र की अत्यधिक उपजाऊ और गहरी जलोढ़ मृदा है, जिसमें ह्यूमस और नाइट्रोजन की प्रचुरता होती है, तथा यह उत्तर प्रदेश के पूर्वी जिलों (जैसे गोरखपुर और देवरिया) में बहुतायत से मिलती है। उपर्युक्त युग्मों में से कौन सा/से सही सुमेलित है/हैं? उत्तर प्रदेश के खनिज संसाधनों और उनकी प्राप्ति स्थलों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'चूना पत्थर' (Limestone) के उत्पादन के लिए उत्तर प्रदेश का मिर्जापुर जिले का कजराहट-गुरमा क्षेत्र और सोनभद्र जिले का चुर्क-डल्ला क्षेत्र प्रमुख रूप से प्रसिद्ध है, जिनका उपयोग सीमेंट और रासायनिक उद्योगों में किया जाता है। 2. उत्तर प्रदेश में 'यूरिनियम' (Uranium) के सीमित भंडार एकमात्र ललितपुर जिले से प्राप्त होते हैं, जहाँ यह ग्रेनाइट और शिस्ट चट्टानों के साथ पाया जाता है। 3. 'ग्लासैंड' (बाल्डू/सिलिका रेत), जिसका उपयोग कांच उद्योग में प्रमुखता से किया जाता है, राज्य में मुख्य रूप से गंगा और यमुना नदियों के अपवाह क्षेत्रों तथा प्रयागराज (इलाहाबाद) और चित्रकूट जिलों के क्षेत्रों से निकाला जाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं? उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'किशोरावस्था में संवेग और तनावरहित विकास (Adolescent Emotions and Stress-free Development) के न्यूरो-संज्ञानात्मक सिद्धांतों' के संदर्भ में, स्टेनलेस हॉल (G. Stanley Hall) द्वारा प्रतिपादित 'तूफान और तनाव का सिद्धांत' (Storm and Stress Theory) के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'लिम्बिक सिस्टम' (Limbic System, विशेषकर अमिग्डाला) और 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex) के विकास में असंतुलन, जो भावनात्मक अति-प्रतिक्रियाशीलता (Emotional Hyper-reactivity) और जोखिम-लेने वाले व्यवहार (Risk-taking Behavior) को जन्म देता है, की सक्रियण गतिकी, तथा एरिक्सन (Erik Erikson) के 'मनोसामाजिक विकास के चरण' (पहचान बनाम भूमिका भ्रम - Identity vs. Role Confusion) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक व माध्यमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, परामर्श रणनीतियों (Counseling Strategies) और विद्यार्थियों में संवेगात्मक संतुलन व सकारात्मक स्व-संकल्पना के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है? उत्तर प्रदेश के प्रसिद्ध मेलों, उत्सवों और सांस्कृतिक मेलों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उत्तर प्रदेश के 'मथुरा' जिले में आयोजित होने वाला 'बटेश्वर मेला' एक प्रसिद्ध ऊंट और पशुओं का मेला है, जो यमुना नदी के तट पर आयोजित किया जाता है और इसे सांस्कृतिक एवं धार्मिक दृष्टिकोण से बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। 2. 'देवा शरीफ़ का मेला' उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में सूफी संत हाजी वारिस अली शाह की मजार पर आयोजित किया जाता है, जो हिंदू-मुस्लिम एकता का एक अनूठा प्रतीक है। 3. 'शकुंभरी देवी का मेला' उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में आयोजित किया जाता है, जो माँ शाकुंभरी देवी को समर्पित है और यह नवरात्रि के दौरान उत्तर भारत के प्रमुख शक्तिपीठ मेलों में से एक है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.