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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं जलवायु परिदृश्य के संदर्भ में, राज्य के किस क्षेत्र में वार्षिक तापांतर (Annual Range of Temperature) सबसे अधिक पाया जाता है और इसका प्रमुख भौगोलिक कारण क्या है?

Detailed Explanation

उत्तर प्रदेश में वार्षिक तापांतर सबसे अधिक पश्चिमी मैदानी जिलों (जैसे आगरा, मथुरा, अलीगढ़ आदि) में पाया जाता है। इसका मुख्य कारण समुद्र से अधिक दूरी होना है, जिसके कारण यहाँ महाद्वीपीय प्रकार की जलवायु का प्रभाव स्पष्ट दिखाई देता है। इसके विपरीत, बुंदेलखंड क्षेत्र में दैनिक तापांतर (Daily Range of Temperature) अधिक हो सकता है, परंतु वार्षिक तापांतर की दृष्टि से पश्चिमी उत्तर प्रदेश आगे है क्योंकि महाद्वीपीय स्थिति के कारण सर्दियाँ अत्यधिक ठंडी और गर्मियाँ अत्यधिक गर्म होती हैं।
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उत्तर प्रदेश के ऊर्जा संसाधनों, तापीय विद्युत परियोजनाओं और ग्रामीण विद्युतीकरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उत्तर प्रदेश राज्य में स्थापित होने वाली पहली तापीय विद्युत परियोजना (Thermal Power Plant) 'हरदुअगंज तापीय विद्युत गृह' है, जो अलीगढ़ जिले में स्थित है। 2. 'सोनभद्र' जिले को उत्तर प्रदेश की 'ऊर्जा राजधानी' (Energy Capital) कहा जाता है क्योंकि यहाँ रिहंद बाँध परियोजना, ओबरा तापीय परियोजना और अनपरा तापीय परियोजना जैसे विशाल ऊर्जा केंद्र स्थित हैं। 3. राज्य में ग्रामीण विद्युतीकरण और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों के विकास के लिए 'उत्तर प्रदेश नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास एजेंसी' (UPNEDA) की स्थापना वर्ष 1983 में की गई थी, जो सौर ऊर्जा और बायोगैस संयंत्रों को बढ़ावा देती है। 4. उत्तर प्रदेश में परमाणु ऊर्जा से विद्युत उत्पादन के लिए एकमात्र परमाणु संयंत्र 'रोवरा परमाणु विद्युत गृह' है, जो ललितपुर जिले में स्थित है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं? उत्तर प्रदेश की राजव्यवस्था और प्रशासनिक संरचना के संदर्भ में, राज्य में 'क्षेत्र पंचायत' के प्रमुख (ब्लॉक प्रमुख) के निर्वाचन की प्रक्रिया और उसके अधिकार के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है? उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बुद्धि के द्विकारक और त्रिआयामी सिद्धांत' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, चार्ल्स स्पीयरमैन (Charles Spearman) के 'सामान्य (g) और विशिष्ट (s) कारक सिद्धांत' तथा जे.पी. गिलफोर्ड (J.P. Guilford) के 'बुद्धि की संरचना मॉडल' (Structure of Intellect - SI Model: विषय-वस्तु, संक्रियाएं और उत्पाद) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डोसोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (DLPFC), 'इंटीरियर पारेटल कॉर्टेक्स' (IPC), और 'टेम्पोरल एसोसिएशन कॉर्टेक्स' के बीच मानसिक संचालन क्षमता (Mental Operation Efficiency), अभिसारी-अपसारी चिंतन (Convergent-Divergent Thinking), और सूचना प्रसंस्करण एकीकरण (Information Processing Integration) की सक्रियण गतिकी, तथा हॉवर्ड गार्डनर के 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, न्यूरो-कोग्निटिव डिफरेंशिएटेड पेडागोजी (Neuro-Cognitive Differentiated Pedagogy) और विद्यार्थियों में बहु-आयामी संज्ञानात्मक कौशल, समस्या-समाधान व समग्र बौद्धिक लचीलेपन के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है? बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के संदर्भ में 'लॉरेंस कोहलवर्ग' (Lawrence Kohlberg) के 'नैतिक विकास के सिद्धांत' (Theory of Moral Development) और इसकी विभिन्न अवस्थाओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. कोहलवर्ग के सिद्धांत के 'पूर्व-पारंपरिक स्तर' (Pre-conventional Level) के अंतर्गत बालक का नैतिक तर्क मुख्य रूप से बाह्य दंड, पुरस्कार और आज्ञापालन पर आधारित होता है, जिसमें 'सापेक्षवादी उन्मुखीकरण' के तहत बच्चा यह समझता है कि जैसे को तैसा या व्यक्तिगत आवश्यकताएँ ही नियम तय करती हैं। 2. 'पारंपरिक स्तर' (Conventional Level) के भीतर 'अच्छा लड़का-अच्छी लड़की उन्मुखीकरण' (Good Boy-Good Girl Orientation) और 'कानून एवं व्यवस्था उन्मुखीकरण' (Law and Order Orientation) आते हैं, जहाँ व्यक्ति समाज की अपेक्षाओं, सामाजिक मानदंडों और नियमों को बनाए रखने को ही सर्वोच्च नैतिकता मानता है। 3. 'उत्तर-पारंपरिक स्तर' (Post-conventional Level) में नैतिकता पूरी तरह से बाहरी कानूनों और सामाजिक दबावों से नियंत्रित होती है, और इस स्तर पर पहुँचने वाला व्यक्ति कभी भी व्यक्तिगत विवेक या सार्वभौमिक मानवीय मूल्यों को कानून से ऊपर नहीं रख सकता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं? पर्यावरण अध्ययन (EVS) के शिक्षण अधिगम प्रक्रिया में 'सतत एवं व्यापक मूल्यांकन' (Continuous and Comprehensive Evaluation - CCE) के उद्देश्यों और उसकी विधियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. सीसीई (CCE) के अंतर्गत पर्यावरण अध्ययन में केवल संज्ञानात्मक (Cognitive) पक्षों का मूल्यांकन किया जाता है, जबकि सह-शैक्षणिक पक्षों और पर्यावरण के प्रति अभिवृत्ति (Attitude) का आकलन इसके दायरे से बाहर होता है। 2. इसमें विद्यार्थियों के पोर्टफोलियो (Portfolio), उपचारात्मक शिक्षण (Remedial Teaching), और एनेकडोटल रिकॉर्ड (Anecdotal Records) जैसी गुणात्मक विधियों का प्रयोग करके उनके सीखने की प्रगति का निरंतर आकलन किया जाता है। 3. इसका मुख्य उद्देश्य छात्रों पर परीक्षा का बोझ कम करना और रटने की प्रवृत्ति को हतोत्साहित करते हुए पर्यावरण संरक्षण के प्रति उनकी व्यावहारिक समझ और संवेदनशीलता को विकसित करना है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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