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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, वह कौन सी अवस्था है जिसमें बालक किसी वस्तु या व्यक्ति के स्थायित्व (Object Permanence) की समझ विकसित कर लेता है तथा उसके अंदर 'विलंबित अनुकरण' (Deferred Imitation) की क्षमता भी उत्पन्न होने लगती है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत की पहली अवस्था 'संवेदी-गामक अवस्था' (जन्म से 2 वर्ष) है। इस अवस्था की सबसे मुख्य विशेषता 'वस्तु स्थायित्व' (Object Permanence) का विकास है, जिसका अर्थ है कि बच्चा यह समझने लगता है कि वस्तुएं तब भी अस्तित्व में रहती हैं जब वे उसकी दृष्टि से ओझल हो जाती हैं। इसके साथ ही इस दौरान बच्चों में 'विलंबित अनुकरण' (पहले देखी गई क्रिया या व्यवहार को बाद में दोहराना) और लक्ष्य-निर्देशित व्यवहार की शुरुआत होती है।
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक स्वरूप, भूगर्भीय संरचना और खनिज वितरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश का दक्षिणी पठारी क्षेत्र (बुंदेलखंड और बघेलखंड का भूभाग) प्राचीनतम गोंडवाना लैंड का हिस्सा है, जहाँ आर्कियन युग की नीस (Gneiss), ग्रेनाइट और विंध्यन क्रम की चट्टानें पाई जाती हैं।
2. राज्य में 'डाइस्पोर' (Diaspore) और 'पाइरोफिलाइट' (Pyrophyllite) जैसे खनिज मुख्य रूप से हमीरपुर, महोबा, झांसी और ललितपुर जिलों के ग्रेनाइट क्षेत्रों से प्राप्त होते हैं, जिनका उपयोग सिरेमिक और refractories उद्योगों में किया जाता है।
3. उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के कचनार और रीवा समूह के क्षेत्रों से 'डोलोमाइट' (Dolomite) का प्रचुर मात्रा में खनन किया जाता है, जिसका उपयोग प्रमुख रूप से इस्पात (Steel) उद्योग और सीमेंट निर्माण में किया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं भू-आकृतिक प्रदेशों के अंतर्गत 'तराई एवं भाबर क्षेत्र' तथा 'मैदानी भाग' की विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भाबर क्षेत्र शिवालिक पहाड़ियों के ठीक नीचे सिंधु से लेकर तीस्ता नदी तक (विशेषकर उत्तर प्रदेश के बिजनौर से सहारनपुर और लखीमपुर तक) फैला हुआ एक संकीर्ण बेल्ट है, जहाँ नदियाँ बड़े-बड़े पत्थरों और बोल्डरों के नीचे विलुप्त हो जाती हैं और यह क्षेत्र कृषि के लिए अत्यधिक उपयुक्त होता है।
2. भाबर के ठीक दक्षिण में 'तराई क्षेत्र' स्थित है, जो दलदली, घने जंगलों से युक्त और उच्च आर्द्रता वाला क्षेत्र है, जहाँ विलुप्त हुई नदियाँ धरातल पर पुनः प्रकट हो जाती हैं और यह क्षेत्र धान तथा गन्ने की बंपर पैदावार के लिए प्रसिद्ध है।
3. उत्तर प्रदेश का मध्यवर्ती मैदानी भाग (गंगा-यमुना का दोआब) जलोढ़ (Alluvial) निक्षेपों से निर्मित है, जिसमें पुरानी जलोढ़ मिट्टी को 'खादर' और नई उपजाऊ जलोढ़ मिट्टी को 'बांगर' कहा जाता है, जो राज्य का सबसे उपजाऊ कृषि क्षेत्र है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के संदर्भ में लेव वायगोत्स्की (Lev Vygotsky) के 'सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत' (Socio-Cultural Theory) और उनके द्वारा दिए गए 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) तथा 'मचान या पाड़' (Scaffolding) की अवधारणाओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ZPD (Zone of Proximal Development) वास्तविक विकास स्तर (जो बच्चा बिना किसी सहायता के अकेले कर सकता है) और संभावित विकास स्तर (जो बच्चा किसी वयस्क या अधिक ज्ञानी अन्य व्यक्ति की मदद से कर सकता है) के बीच का अंतर या क्षेत्र होता है।
2. 'मचान' (Scaffolding) से तात्पर्य उस अस्थायी सहायता या मार्गदर्शन से है जो किसी कुशल व्यक्ति द्वारा बच्चे को सीखने के दौरान दी जाती है, और जैसे-जैसे बच्चा स्वतंत्र रूप से कार्य करना सीख जाता है, इस सहायता को धीरे-धीरे कम या समाप्त कर दिया जाता है।
3. वायगोत्स्की के अनुसार बच्चों में भाषा का विकास मुख्य रूप से उनके अपने व्यक्तिगत विचारों को निर्देशित करने के लिए पहले 'सामाजिक भाषण' के रूप में होता है, जो बाद में 'अन्तर्वाक्' (Inner Speech) में परिवर्तित हो जाता है, और यह संज्ञानात्मक विकास को संचालित करने में केंद्रीय भूमिका निभाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'पर्यावरण अध्ययन' (EVS) के अंतर्गत 'पारिस्थितिकी तंत्र और जैव-भू-रासायनिक चक्र' (Biogeochemical Cycles) के संदर्भ में, नाइट्रोजन चक्र (Nitrogen Cycle) में वायुमंडलीय नाइट्रोजन को नाइट्रेट में परिवर्तित करने वाले नाइट्रोजन-स्थिरीकरण (Nitrogen Fixation) और उसके पश्चात् मृत कार्बनिक पदार्थों से अमोनिया को पुनः नाइट्रेट में बदलने की प्रक्रिया—विशेषकर 'अमोनीकरण' (Ammonification) और 'नाइट्रीकरण' (Nitrification)—के वैज्ञानिक चरणों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'उत्तर प्रदेश की प्राचीन सभ्यता और इतिहास' के संदर्भ में, ताम्र पाषाण कालीन (Chalcolithic) और उत्तर वैदिक कालीन पुरास्थलों (जैसे सोती संस्कृति, अतरंजीखेड़ा, हस्तिनापुर और लाल किला-गाजियाबाद) से प्राप्त साक्ष्यों, मृद्भाण्ड संस्कृतियों (जैसे गेरुवर्ण मृद्भाण्ड संस्कृति - OCP और चित्रित धूसर मृद्भाण्ड संस्कृति - PGW), तथा लौह युग के आरंभ से जुड़े पुरातात्विक अवशेषों के वैज्ञानिक विश्लेषण के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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